ई लोक अदालत: मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा के 216 प्रकरण निपटे, 5 करोड़ 27 लाख 40 हजार 433 रुपए का अवार्ड हुआ पारित

जबलपुर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जबलपुर नवीन कुमार सक्सेना के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय जबलपुर तहसील न्यायालय सिहोरा पाटन में आज 29 अगस्त शनिवार को आनलाइन स्थाई एवं निरंतर लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा के निराकृत हुए कुल 216 प्रकरणों का निराकरण किया जाकर 5 करोड़ 27 लाख 40 हजार रुपए का अवार्ड पारित किया गया।

प्रकरणों के निराकरण के लिए कुल 7 खंडपीठों का गठन किया जाकर न्यायालयों में लंबित 632 प्रकरणों को रिफर किया गया तथा आनलाईन माध्यम से 216 प्रकरणों का निराकरण किया जाकर 5 करोड़ 27 लाख 40 हजार 433 रुपए का अवार्ड पारित किया गया।

1400 प्रकरण निपटे करीब 23 करोड़ रुपए से अधिक का अवार्ड पारित

उच्च न्यायालय में अधीनस्थ जिला न्यायालयों में आज आयोजित ई-लोक अदालत में 1398 प्रकरणों का निराकरण हुआ और 22 करोड़ 92 लाख 21 हजार 327 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। मुख्य न्यायाधिपति एवं मुख्य संरक्षक मप्र उच्च न्यायालय एके मित्तल के निर्देशन एवं कार्यपालन अध्यक्ष मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आज उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायालय के अधीनस्थ न्यायालयों मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरणों से संबंधित ई-लोक अदालत का आयोजन किया गया। कोविड-19 के व्यापक संक्रमण के बावजूद सभी न्यायाधीशगण कर्मचारीगण तथा पक्षकारगण को संक्रमण से सुरक्षा हेतु समस्त बातों का ध्यान रखते हुए ई-लोक अदालत का आयोजन किया गया।

ई-लोक अदालत में मप्र उच्च न्यायालय स्तर पर मुख्यपीठ जबलपुर इंदौर एवं ग्वालियर पीठ में मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा हेतु खंडपीठ गठित की गई जिसमें मुख्यपीठ जबलपुर में न्यायमूर्ति सुजाय पाल एवं सदस्य के रूप में अधिवक्ता अरविंद कुमार पांडेय रहे। मामले से संबंधित सभी अधिवक्ताओं को वीडियो कांफ्रेसिंग की लिंक पूर्व में ही दे दी गई थी 11 बजते ही खंडपीठ ने कार्य प्रारंभ कर दिया।

प्रकरणों से संबंधित दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने खंडपीठों से चर्चा कर अपनी संतुष्टि की और खंडपीठ को रैफर किए गए कुल 330 प्रकरणों में से 216 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण हुआ और लगभग दो करोड़ 2 लाख संतान्वे हजार 400 रुपए के अवार्ड पारित किए गए।

इसी तरह प्रदेश के अंतर्गत जिला न्यायालयों में भी ई लोक अदालतें आयोजित की गई जिसमें रैफर किए गए कुल 4127 प्रकरणों में से कुल 1182 प्रकरणों का निराकरण कराया गया। जिसमें राशि रुपए बीस करोड़ 89 लाख 23 हजार 927 रुपए का अवार्ड पारित किया गया।