जबलपुर : भूकंप में जान गवाने वालो की याद में बना भूकंप स्तम्भ की ये है दुर्दशा

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जबलपुर। सिविक सेंटर स्थित भूकंप स्तम्भ की दुर्दशा हम स्मार्ट सिटी का सपना देख रहे है और इसी शहर की यादगार चिन्ह को भी संजोने की भी जवाबदारी जिम्मेदारों में भी नहीं है। ये स्तम्भ 22 मई 1997 को जबलपुर शहर में आए भीषण भूकंप में जान गवाने वालों की याद में जबलपुर सिविक सेंटर स्थित भूकंप स्तम्भ बनाया गया था जिसकी आज ये दुर्दशा कर दी गई है। इसके बगल में लोग खुले में ही यूरिन का रहे है चरों रफ बदबू फैला रखी है।

फोटो – राजेश नामदेव

जबलपुर में 22 मई 1997 को पैमाने पर 8.2 रिएक्टर मैग्नीट्यूट का भूकंप आया था। जबलपुर शहर से 60 किमी दूर बरेला स्थित कोसमघाट भूकंप का एपीसेंटर था। 1997 में जबलपुर में भूकंप झेलने वालों के मुताबिक उस समय पूरा शहर सो रहा था। सुबह 4 बजकर 27 मिनट पर यह भूकंप अाया था। उस समय 8.2 तीव्रता वाले भूकंप ने पूरे शहर में तबाही मचाई थी। 41 लोग इस घटना में मारे गए थे और हजारों लोग बेघर हो गए थे। कई सालों तक शहर इस दुर्घटना से उबर नहीं पाया था।

यू तो खुले में सौंच पर प्रतिबन्ध है शहर के ह्दय स्थल सिविक सेंटर का ये हाल सब बया करता है की सरकार की सारी योजनाए भ्रष्टाचार की भेट चढ़ाने के लिए लागु की जाती है। जिम्मेदार आंख पर पट्टी बांध कर बैठे है।