बजट में सर्वांगीण विकास पर ज़ोर

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में बुधवार को वित्त वर्ष 2017-18 के लिए आम बजट पेश किया। उनके अनुसार बजट में किसान, बुनियादी ढांचा, डिजिटल इकोनोमी, कर प्रशासन में सुधार, ऊर्जा और स्वच्छ भारत सहित दस महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यासन केंद्रित किया गया है।
2.5 लाख से 5 लाख रुपये तक की आय पर केवल 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा, जो अब तक 10 प्रतिशत था। 5 लाख से ऊपर आय वालों को इनकम टैक्स में 12,500 रुपये की छूट मिलेगी। 50 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाली कंपनी के टैक्स में कटौती की गई है। ऐसी कंपनियों को अब 25 प्रतिशत टैक्स लगेगा, ये पहले 30 प्रतिशत था।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को संसद में आम बजट पेश किया तो उनके पिटारे से आम लोगों के लिए कई सौगातें बाहर निकलीं। करीब दो घंटे के इस लंबे भाषण में कुछ ऐसी चीजें रहे तो हम सभी के जीवन पर असर डालेंगी।

बजट की ऐसी ही दस बातों पर गौर करें, तो कृषि क्षेत्र में 4 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होने की उम्मीद है। अगले साल 10 लाख करोड़ रुपये कृषि कर्ज़ के तौर पर दिए जाएंगे। फसल बीमा का भी विस्तार किया जाएगा।

एक करोड़ परिवारों और 50 हजार ग्राम पंचायतों को 2019 तक गरीबी से बाहर लाने के लिए मिशन अंत्योौदय शुरू करने की घोषणा की गई है।

2017-18 में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कुल आवंटन 3,96,135 करोड़ रुपये का है। बंदरगाहों और सड़कों के विकास पर जोर दिया गया है।

रेल यात्रियों की सुरक्षा पर सरकार एक लाख करोड़ खर्च करेगी। आईआरसीटीसी के ज़रिए ई-टिकट बुकिंग्स के दौरान चार्ज नहीं लगेगा।

3 लाख रुपये से ऊपर कैश ट्रांजेक्शन नहीं हो सकेगा, 3 लाख से ऊपर लेन-देन डिजिटल ही होगा। डिजिटल लेन-देन के लांच हुए भीम एप को बढ़ावा देने के लिए दो नई योजनाएं शुरू होंगी।

राजनीतिक पार्टियां सिर्फ 2 हजार रुपये तक ही कैश में चंदा ले सकेंगी। 2 हजार रुपये से ज्यादा का चंदा चेक या डिजिटल तरीके से ही लिया जा सकेगा। राजनीतिक चंदे के लिए बॉन्ड आएगा। आर्थिक अपराधियों पर सख्ती होगी। सरकार देश छोड़कर भागने वाले आर्थिक अपराधियों की संपत्ति जब्त करेगी।

कुल मिलाकर बजट में गांव, गरीब, किसान पर जोर रहा तो बुनियादी ढांचे को लेकर तमाम घोषणाएं की गईं। कालेधन पर सख्ती के लिए कदमों का ऐलान है तो डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं हैं।

मध्यम वर्ग के लिए राहत भरे कदम हैं, तो छोटे कारोबारियो के लिए रियायतें। आने वाले दिनों में बजट की इन्हीं घोषणाओं के जरिए भारत को को दुनिया की बेहतरीन अर्थव्यवस्थाओं के रास्ते पर और आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।