ईपीएफ सदस्यों को अब अपने सदस्यों/आश्रितों की बीमारी के मामले में अग्रिम राशि के लिए केवल स्व घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा

नई दिल्लीः कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के सदस्यों को अब अपने सदस्यों/आश्रितों की बीमारी के मामले में अग्रिम राशि लेने के लिए केवल स्व घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा। दिव्यांग सदस्य भी स्व घोषणा पत्र के आधार पर अग्रिम राशि ले सकते हैं। किसी भी सदस्य को अब ईपीएफ योजना-1952 के अनुच्छेद 68-जे या 68-एन के अंतर्गत अग्रिम राशि पाने के लिए चिकित्सा प्रमाण पत्र या अन्य प्रमाण पत्र अथवा दस्तावेज या प्रोफार्मा प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी।

श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952 के अनुच्छेद 68-जे और 68-एन में संशोधन कर दिया है और यह आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने की तिथि से लागू होगा। इसके अनुसार ईपीएफ के सदस्य को अपने सदस्यों/आश्रितों की बीमारी के मामले में ईपीएफ योजना के अंतर्गत अग्रिम राशि पाने के लिए केवल स्व घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा और दिव्यांग सदस्यों के मामले में भी यह लागू होगा। इस प्रावधान को समग्र दावा फार्म में पहले ही शामिल कर दिया गया है।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा अपने ई गवर्नेंस सुधारों के अगले चरण के हिस्से के रूप में की गई पहलों के अनुरूप ही यह प्रयास ईपीएफओ के हितधारकों को कुशलता और पारदर्शी तरीके से सेवाएं उपलब्ध कराने का उद्देश्य से किया जा रहा है। मौजूदा दावा फार्म संख्या 19, 10 सी और 31 तथा फार्म संख्या 19 (यूएएन), 10सी (यूएएन) और 31 (यूएएन) के स्थान पर समग्र दावा फार्म लाने के लिए 20 फरवरी 2017 को प्रशासनिक आदेश जारी किया गया था। तब से ईपीएफो ने अपने सदस्यों के लिए व्यापक खाता संख्या (यूएएन) लागू कर दी हैं। अब जिन सदस्यों ने यूएएऩ को अपने आधार संख्या और बैंक खाते जोड दिया है वे नियोक्‍ता से सत्‍यापित कराये बिना दावा फार्म सीधे ईपीएफओ में जमा करवा सकते हैं।