कवि केदारनाथ सिंह के निधन से साहित्य के एक युग का हुआ अंत

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हिंदी साहित्य के प्रख्यात कवि केदारनाथ सिंह का बीती रात दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया, कवि केदारनाथ सिंह का जाना मानों हिंदी साहित्य के एक युग का खत्म होना सा है। हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार केदारनाथ सिंह का कल शाम दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में निधन हो गया। वह पिछले कई दिनों से बीमार थे। ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित केदारनाथ सिंह के जाने से हिंदी साहित्यकारों और पाठकों के बीच शोक व्याप्त है।

केदारनाथ सिंह नई कविता के अग्रणी कवियों में शुमार किए जाते हैं। अज्ञेय द्वारा संपादित तीसरा सप्तक के कवियों में शामिल केदारनाथ सिंह को 2013 में साहित्य के सबसे बड़े सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वह यह पुरस्कार पाने वाले हिंदी के 10वें लेखक थे।

इसके अलावा वह साहित्य अकादमी पुरस्कार, व्यास सम्मान, जीवन भारती सम्मान, दिनकर पुरस्कार, कुमारन आशान पुरस्कार और मैथिली शरण गुप्त पुरस्कार से सम्मानित किए जा चुके हैं। अभी बिल्कुल अभी, जमीन पक रही है यहां से देखो, अकाल में सारस आदि उनकी प्रमुख रचनाएं काफी लोकप्रिय रहीं। केदारनाथ सिंह के निधन पर केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शोक व्यक्त किया है।