अब कैदियों की निगरानी के लिए बांधे जाएंगे जीपीएस बेल्ट
भोपाल । मध्यप्रदेश राजधानी भाेपाल की सेंट्रल जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे दो कैदियों के फरार हो जाने के बाद जेल विभाग हरकत में आ गया है। जेल प्रशासन ने अब कैदियों पर पैनी नजर रखने के लिए उनके शरीर पर जीपीएस बेल्ट बांधने का नया प्लान बनाया गया है।
बताया जाता है कि यह व्यवस्था लागू होती है, तो भारत में इस तरह की नई तकनीक का प्रयोग करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य होगा।
सूत्रों की मानें तो , कैदियों के भागने के बाद जेल विभाग के अधिकारियों ने एक समीक्षा बैठक बुलाई थी,जिसमें विचार किया गया कि भोपाल, ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर की जेलों में बंद कैदियों को सबसे पहले जीपीएस बेल्ट पहनाने की शुरूआत की जाएगी। जबकि तीन साल के भीतर मध्यप्रदेश की जेलों से सबसे ज्यादा कैदी फरार हुए हैं। आंकडों के अनुसार प्रदेश में हर साल करीब आधा दर्जन से ज्यादा कैदी फरार हो जाते हैं।
वहीं भोपाल की सेंट्रल जेल से फरार हुए कैदियों का 72 घंटों के बाद भी सुराग नहीं लग सका है। जेल से भागे कैदियों के पकडने के लिए अब पुलिस ने उनके ऊपर ढाई-ढाई हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया है।
यह बताना उचित होगा कि हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दो कैदी तीन दिन पहले शुक्रवार को फरार हो गए थे। ये दोनों कैदी जेल की गौशाला में काम करने के दौरान प्रहरियों की आंखो में धूल झाेककर फरार हो गए थे। कैदियों के फरार होते ही जेल प्रशासन में हडकंप मच गया था वहीं इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में बालकृष्ण शर्मा को सस्पेंड कर दिया गया था।
कैदियों के फरार होने पर जानकारी मिली थी कि विदिशा जिले में रहने वाले रामलाल और गणपत को अन्य कैदियों के साथ गौशाला में काम करने के लिए जेल की बैरक के बाहर से निकाला गया था। दोनों ही कैदी हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। जिसमें वे अब तक छह साल की सजा काट चुके थे।
जबकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ये दोनों कैदी किस समय फरार हो गए थे। जब शाम को करीब साढ़े पांच बजे कैदियों की गिनती की गई तो दो कैदी कम निकले तब इस इस बात का खुलासा हुआ था।