प्रयागराज : थर्मल स्कैन से गुजरे हर कर्मचारी और वकील

प्रयागराज : कोरोना से बचाव के लिए हाईकोर्ट में जहां सोमवार से ही एहतियात शुरू हो गया, वहीं ठीक सामने स्थित महाधिवक्ता कार्यालय आंबेडकर भवन में इसे लेकर बेफिक्री ही दिखी। हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश करने से पहले हर किसी को थर्मल स्कैनर की जांच से गुजरना पड़ा। परिसर के भीतर बड़ी संख्या में डस्टबिन रखे थे।

हाईकोर्ट ने प्रधानपीठ, लखनऊ बेंच व जिला अदालतों के लिए आवश्यक गाइड लाइन जारी कर दी है। इसकी निगरानी के लिए तीन अलग कमेटियां भी बना दी गई हैं। जबकि आंबेडकर भवन में न तो जांच का कोई इंतजाम हुआ है और न ही इसे लेकर किसी प्रकार की सतर्कता ही दिखी। हालांकि इसे लेकर अपर महाधिवक्ता की अध्यक्षता में एक बैठक जरूर की गई जिसमें मंगलवार से सुरक्षा उपायों कोे लागू करने का निर्णय लिया गया।

हाईकोर्ट के सभी प्रवेश द्वारों पर सुबह से ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी थर्मल इंफ्रारेंड स्कैनर के साथ मौजूद थे। वकील, वादकारी, कर्मचारी और सुरक्षाकर्मियों सहित हर आगंतुक को बाकायदा जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। हाईकोर्ट भवन में नीचे तथा ऊपर गलियारों के अलावा परिसर में कई जगह कोराना से बचाव के जागरूकता वाले पोस्टर लगाए गए हैं। वैसे वकीलों की हड़ताल के कारण सोमवार को भीड़ भी काफी कम थी।

इसके उलट महाधिवक्ता कार्यालय में सुरक्षा और बचाव का कोई इंतजाम नहीं था। सोमवार को इस भवन में बिना किसी जांच के वकील, सरकारी अधिकारी व अन्य लोग आते-जाते रहे। अंदर के टॉयलेट्स की स्थिति भी बेहद खराब थी। हालांकि स्थिति पर विचार के लिए तीन बार बैठक हुई। तय हुआ कि वहां मंगलवार से पूरी तरह एहतियात बरता जाएगा।

सुरक्षा मामले पर सुनवाई कर रही खंडपीठ के आदेश के पालन में सोमवार को हाईकोर्ट के सभी कर्मचारी निर्धारित यूनीफार्म में दिखे। आदेश के तहत सभी कर्मचारियों को होली की छुट्टियों के बाद निर्धारित ड्रेस में ही आने का निर्देश दिया गया था। इसी के अनुपालन में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सफेद रंग की पैंट व सफेद शर्ट व कोट, तृतीय श्रेणी कर्मचारी सफेद या काली पैंट, काला कोट, काली टाई व काले जूते पहनकर और रजिस्ट्री के अफसर कोट व टाई में दिखे। कर्मचारियों की भी जांच की गई।