सोशल डिस्टेंसिंग का महत्त्व क्या होता है इस खबर से जान सकते है : सिर्फ एक व्यक्ति को छोड़कर पूरा गांव हुआ कोरोना पॉजिटिव

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नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण जिस वक्त तेजी से बढ़ रहा था, उस समय हिमाचल प्रदेश की पहाड़ी पूरी तरह से सुरक्षित थी। दरअसल, लाहौल स्फीती जिले में कोरेाना के शुरुआती दौर में 2 से तीन माह तक एक भी कोरोना का मरीज सामने नहीं आया।

बता दें कि हिमाचल के थोरंग गांव की हालत कुछ ऐसी है कि यहां पर 52 साल के भूषण ठाकुर को छोड़कर पूरा का पूरा गांव कोरोना पॉजिटिव हो गया। भूषण गांव के ऐसे अकेले शख्स हैं, जिन्हें कोरोना वायरस छू भी नहीं सका है। हालांकि भूषण के परिवार के सभी दूसरे छह सदस्य कोरोना पॉजिटिव हैं।

भूषण के मुताबिक, जब से उनके गांव में कोरोना का पहला मामला सामने आया है तब से ही उन्होंने अपने आपको एक अलग कमरे में कैद कर लिया है। गांव में तेजी से कोरोना का संक्रमण फैलने के पश्चात जब भूषण ने अपने पूरे परिवार संग सैंपल दिया तो भूषण को छोड़कर सभी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

भूषण ने इस बात को माना है कि यदि सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी ईमानदारी से पालन किया जाए तो इस संक्रमण से बचा जा सकता है। लाहौल-स्पीति के सीएमओ डॉ. पलजोर की माने तो, शायद भूषण का इम्युनिटी सिस्टम काफी मजबूत है। पूरे गांव की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बावजूद भूषण की रिपोर्ट नेगेटिव आना चौंकाने वाला है।

लाहौल-स्पीति जिले के पुलिस उपायुक्त पंकज राय ने कहा कि इस गांव में लगभग 160 लोग रहते हैं किन्तु बर्फबारी के बाद से काफी लोग कुल्लू चले गए हैं। हाल ही में गांव के 5 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद गांव के सभी 42 लोगों ने स्वेच्छा से कोरोना टेस्ट कराने का निर्णय लिया था। टेस्ट में भूषण को छोड़कर सभी लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।