Eye Care Tips : आँखों की देख भाल के लिए करें ये उपाए
इस ख़बर को शेयर करें

अगर आँखें ना होती तो हमारे कभी समझ भी ना पाते ये दुनिया कितनी खूबसूरत हैं ये प्रकर्ति कितनी मोहक है। हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है हमारी आँखें, लेकिन अगर हमारी आँखें एक पल के लिए भी हमसे अलग हो जाये तो हमारी ज़िन्दगी में अन्धेरा छा जायेगा। लगातर मोबाइल, टीवी और लैपटॉप में लगे रहने से हमारी आँखे अधिक कमजोर होने लगती है । आँखों के बिना हम अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते। तो हमें अपनी आँखों को स्वस्थ रखने के लिए हर संभव कर करना चाइये मैंने कही पड़ा था के मनुष्य की आंखों की तुलना अगर किसी कैमरे से किया जाए तो मनुष्य का आंख 576 मेगापिक्सल का होता है। इसकी गणना हमारी आंखों से दिखाई देने वाले दृश्य का ऊर्ध्वाधर 60 डिग्री तथा क्षैतिज 120 डिग्री ( Vertical 60 ° &  Horizontal 120 ° ) के आधार पर की जाती है।

आँखों के मुख्य रोग और समस्याऐं

डार्क सर्कुल

कई बार देखा होगा अपने कुछ लोगो की आँखो के चारो और काले घेरे होते है। जिनसे वो देखने मे बीमारी लगते है और उदास भी। कोई कितना भी सुन्दर हो उसकी शरीर सुंदरता इन डार्क सुर्कल मे चुप जाती है। तो आइये दोस्तों हम जानते है के ये डार्क सर्कुल क्यू होते है और किन उपायों से हम इन्हे ठीक कर सकते है।

आँखों के चारो और डार्क सर्कुल होने के कारण

  • तनाव
  • उम्र का असर
  • कंप्यूटर या मोबाइल का अधिक उपयोग
  • अनुवांशिक
  • खान पान सही न होना
  • पर्याप्त नींद न लेना
  • थकान
  • आयरन की कमी
  • एलर्जी
  • शराब या स्मोकिंग अधिक करना
  • हार्मोन का असंतुलन

आंखों के काले घेरे को दूर करने के उपाय

बादाम तेल:

इसमें विटामिन ई होता है जो आँखों के डार्क सर्कल को कम करने में मदद करता है। बादाम तेल आँखों की नाजुक त्वचा के लिए बेहतर होता है। इसका इस्तेमाल रात को सोने से पहले करना चाहिए। रात भर इसे लगा रहने दें। सुबह अपना चेहरा साफ़ पानी के साथ धों लें।

नारियल तेल:

नाजुक त्वचा के लिए नारियल का तेल अच्छा मॉइस्चराइज़र है। रात को सोने से पहले अपने हाथों में नारियल तेल लेकर हल्के से आँखों के नीचें मालिश करें। इस प्रकार कम से कम एक हफ्ते तक करें। आपको खुद इसका असर दिखाई देगा।

टमाटर:

आँखों के नीचे से डार्क सर्कल दूर करने के लिए टमाटर सबसे कारगर उपाय है। यह नेचुरल तरीके के साथ आँखों के काले घेरे को खत्म करता है। इसके साथ आपकी त्वचा कोमल और फ्रेश बनी रहती है।

नींबू का इस्तेमाल:

नींबू में विटामिन सी की मात्रा मौजूद होती है इसका इस्तेमाल करने के लिए ताजे नींबू का रस निकालें। फिर उसे कॉटन की सहायता से आँखों के नीचें लगायें। दस मिनट के बाद अपना चेहरा पानी के साथ साफ़ कर लें। नियमित रूप से करने से आपके डार्क सर्कल खत्म हो जायेंगे।

खीरा:

डार्क सर्कल को ट्रीट करने का सबसे अच्छा उपाय खीरा का इस्तेमाल करना होता है. खीरा एक अच्छा एस्ट्रीजेंट होता है और यह बेहतरीन क्लींनजर भी होता है जो आंखों के नीचे होने वाले काले घेरों को खत्म कर देता है. खीरे के स्लाइस काट लें और उन्हे आंखों पर रख लें. ऐसा दिन में दो बार करें, लगभग दस दिन में लाभ मिल जाएगा.

पानी:

अगर आंखों के नीचे डार्क सर्कल हैं तो खूब पानी पीएं. पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन किसी भी दवाई से बेहतर होता है. यह एक साधारण घरेलू उपाय है जो आंखों के नीचे होने वाले काले घेरों को दूर कर देता है. पानी पीने से स्कीन हाईड्रेट रहती है और डार्क सर्कल नहीं हो पाते हैं.

नींद:

काफी लम्बे समय तक सही तरीके से नींद पूरी न होने पाने की वजह से भी आंखों के नीचे काले घेरे पड़ जाते हैं. अगर आपकी नींद पिछले कई दिनों से पूरी नहीं हुई है तो सबसे पहले सोएं. जब आप पूरा आराम लेंगे और आंखों को आराम देंगे तो काले घेरे अपने आप सही हो जाएंगे. आंखों के नीचे होने वाले काले घेरे, व्यक्ति की कम नींद के बारे में बताते हैं.

टी बैग्स:

टी बैग्स का उपयोग करके भी पुरुषों की आंखों के नीचे होने वाले डार्क सर्कल को दूर किया जा सकता है. सुबह की चाय के बाद यूज किए हुए टी बैग्स को अपने फ्रीज में रख दें. जब आपको समय मिलें तो उन्हें फ्रिज से बाहर निकाल लें और रूम के तापमान पर होने के लिए रख दें. बाद में इन्हें अपनी आंखों पर लगा लें। इससे आपको आराम मिलेगा और काले घेरे कम होंगे.

टमाटर:

टमाटर में कई ऐसे गुण होते हैं जो त्वचा के डार्क कलर को हल्का कर देते हैं और त्वचा को ग्लो प्रदान करते हैं. एक चम्मच टामटर का पेस्ट और नींबू की रस की कुछ बूंदे मिला लें और मिश्रण तैयार कर लें. इस मिश्रण को अपनी आंखों के नीचे के काले घेरे पर लगाएं. इसे दस मिनट तक यूं ही लगा रहने दें और बाद में ठंडे पानी से धो लें.

बादाम तेल:

बादाम का तेल कई प्राकृतिक गुणों से भरपूर होता है जो आंखों के आसपास की त्वचा को फायदा पहुंचाता है. बादाम के तेल के नियमित उपयोग से त्वचा का रंग हल्का पड़ जाता है, इसीलिए इसे आंखों के आसपास लगाने से डार्क सर्कल दूर हो जाते है. रात में इसे आंखों के नीचे थोड़ा सा लगाएं और हल्के हाथों से मसाज करें. मसाज करने के बाद ऐसा ही छोड़ दें. सुबह उठने के बाद मुंह धो लें. आंखों के नीचे बने काले घेरों को दूर करने के लिए कच्चे आलू का इस्तेमाल करना बहुत फायदेमंद होता है। खीरे की ही तरह आलू के भी पतले-पतले टुकड़े काटकर फ्रिज में रख दें और जब ये ठंडे हो जाएं तो इन्हें आंखों पर रखकर लेट जाएं.

आँखों के रोग:

  • आँख का आजाना
  • आँख आने पर आँखों में कुछ अटका हुआ सा प्रतीत होता है | इस रोग में आँख खोलने से भी दर्द होता है और रोग के बढ़ने पर गाढ़ा -गाढ़ा पदार्थ भी निकलता है इसलिए रात में पलकें चिपक जाती हैं, जोकि पीड़ादायक है |
  • यह एक संक्रामक रोग है , यह रोगी के तौलिये या रुमाल के इस्तेमाल से भी फैलता है |

घरेलू उपचार

  • प्रातःकाल उठते ही अपना बासी थूक भी संक्रमित आँखों पर लगा सकते हैं
  • आधे गिलास पानी में दो चम्मच त्रिफ़ला चूर्ण दो घंटे भिगोकर रखें | अब इसे छान लें ,इस पानी से दिन में 3 -4 बार छींटें मारकर आँखें धोने से लाभ होता है |
  • नीम के पानी से आँख धोने के बाद आँखों में गुलाबजल डालें लाभ होगा |
  • हरी दूब (घास ) का रस निकालें अब इस रस में रुई भिगोकर पलकों पर रखें ,आँखों में ठंडक मिलेगी |

मोतियाबिंद
मोतियाबिंद का मतलब है आंखों के भीतर मोजूद प्राकृतिक लेंस मे धुंधलापन आ जाना है।यह धुधंलापन शने:-शने: बढ़ता जाता है जिससे मरीज को अपने दैनंदिन कार्य करने में कठिनाई होती है। मोतियाबिंद दोनों आंखों में एक साथ भी हो सकता है। आमतौर पर यह रोग वृद्धावस्था में ही होता है और कुछ अंतराल से बारी बारी से दोनों आंखों में होता है। आपरेशन न कराने की स्थिति में पूर्ण रुपेण दृष्टि- बाधा हो सकती है एवं स्थायी अंधत्व की स्थिति निर्मित हो सकती है।

मोतियाबिंद के प्रकार:

मोतियाबिंद दो तरह का होता है। एक कोमल और दूसरा कड़ा। कोमल मोतियाबिंद नीले रंग का होता हैं जो बचपन से लेकर 35 साल की उम्र के व्यक्ति को होता है। वहीं कड़ा मोतियाबिंद पीले रंग का होता हैं जो ज्यादातर बुढ़ापे में ही होता है। यह एक आंख में भी हो सकता हैं और एक साथ दोनों आंखों में भी।

मोतियाबिंद के लक्षण:

आंख की पुतली के पीछे एक लेंस होता है। पुतली पर लाइट को यह लेंस फोकस करता है और रेटिना पर ऑब्जेक्ट की साफ इमेज बनाता है। रेटिना से यह इमेज नर्व्स तक और वहां से दिमाग तक पहुंचती है। पुतली के पीछे का यह लेंस बिलकुल साफ होता है तभी लाइट आसानी से पास हो पाती हैं लेकिन जब लेंस में कुछ धुंधलापन आ जाता हैं तो इसमें लाइट गुजरनी बंद हो जाती हैं, जिससे व्यक्ति को साफ दिखाई नहीं देता। इसी प्रॉब्लम को मोतियाबिन्द कहा जाता है। इलाज ना करवाने पर यह समस्या बढ़ती जाती हैं जिससे रोशनी कम होती जाती है।

मोतियाबिंद होने के कारण:

डायबिटीज
मधुमेह यानि की डायबिटीज सिर्फ गुर्दे या दिल के लिए खतरनाक नहीं बल्कि आंखों पर भी बुरा असर डालती है। मधुमेह के कारण होने वाली आंखों की इन बीमारियों से बचने के लिए समय समय पर जांच करवाते रहना चाहिए। कुछ मरीजों में लैंस में धुंधलापन आ जाता है, उसकी पारदर्शिता खत्म हो जाती है इसे डायबिटिक कैटरैक्ट कहते हैं।

यूवाइटिस
मोतियाबिंद की समस्या उन लोगों में ज्यादा होती है जो यूवाइटिस से ग्रस्त होते हैं। यह समस्या एक प्रकार की सूजन है जो यूवेइआ में होते हैं।इस सूजन के बहुत सारे कारण हो जैसे ट्रामा या संक्रमण। यह समस्या तेजी से बढ़ रही है जिसे कैंसर से भी ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है।

आंख में चोट लगने के कारण:

कनीनिका में चोट लगने के कारण भी मोतियाबिंद की समस्या हो सकती है। इससे आंखों की लैंस पर बुरा असर पड़ता है।

  • आँखों की रौशनी बढ़ाने के उपाए।
  • आंवले के जूस का सेवन
  • आंवला में विटामिन C भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो हमारी आंखों के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। नियमित रूप से एक गिलास आंवले के जूस का सेवन करें। इससे आपकी आंखों की रोशनी को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

काली मिर्च और शहद

रोजाना एक चम्मच शहद में एक चुटकी काली मिर्च पाउडर मिला कर खाएं इससे आपकी आंखों की रोशनी बढ़ेगी इस उपयोग को आप कुछ महीने तक करेंगे तो आपको खुद ही फायदा महसूस होगा।

बादाम का सेवन

बादाम में विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं, जो आंखों के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। रोजाना रात को 5 से 10 बदाम पानी में भिगोकर रख दें, सुबह उसका छिलका उतारकर उसका पेस्ट बना लें और हल्के गर्म दूध में मिलाकर खाएं। इससे नियमित रूप से सेवन करने से 15 से 20 दिन में आपको फायदा जरूर मिलेगा।

पालक का सेवन

पालक में विटामिन A B C भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी एंटी ऑक्सीडेंट तत्व भी पाए जाते हैं, जो हमारी आंखों को स्वस्थ बनाए रखने में काफी लाभदायक सिद्ध होते हैं।इसलिए आप अपने आहार में पालक को शामिल करें।

मेवे का सेवन

सूखे मेवों का सेवन आपकी आंखों की रोशनी को बढ़ाने में काफी फायदेमंद होता है।सूखे मेवे में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारी आंखों के लिए काफी लाभकारी होते हैं। नियमित रूप से सूखे मेवे का सेवन आप कर सकते हैं।

  • सुबह ओस वाली घाँस पे 30 मिनट नग्गे पैर चले। ओस ना भी हो तो भी चले।
  • सुबह सुबह उठते ही हटेलियो को आपस मे रगड़े और उन्हें आँखो पे लगाए।

इन टिप्स को अपनाकर कर सकते है अपनी आँखों कि देखभाल :

1. नियमित रूप से नेत्र चिकित्सक के पास जायें :- आँखों के स्वास्थ्य को अच्छा बनाये रखने के लिए नियमित रूप से अपनी आँखें चेक कराएं | अपनी आँखों के बारे में अधिक जानें और जब आप अपने डॉक्टर के पास जाएँ, तब उनसे आँखों के बारे में जानकारी लें | आँखों के बारे में ज्यादा जानने और आँखों की बीमारियों को रोकने के बारे में सीखने से आपको बीमारियों पर नियंत्रण करने में मदद मिलेगी | अगर आपको आँखों दृष्टी सम्बन्धी कोई परेशानी नहीं हो इसलिए आपको अपनी: 20 वर्ष से 30 वर्ष की आयु के बीच हर 5-10 साल में 40-65 वर्ष की आयु के बीच हर 2-4 साल में 65 वर्ष की आयु के बाद हर 1-2 सालों में नेत्र चिकित्सक को जरूर दिखाएँ |

2. दिन के अंत में अपनी आँखों के मेकअप को हटायें, सोने से पहले हमेशा आँखों का मेकअप हटाने का समय निकालें | कभी भी मेकअप के साथ न सोयें | अगर आप आँख लाइनर या मस्कारा के साथ सोते हैं तो इससे आपकी आँखों में पीड़ा हो सकती है | रात के समय मेकअप के साथ सोने से आँखों के आस-पास के रोमछिद्र बंद हो जाते है जिससे गुहेरी हो सकती है और इसे डॉक्टर के द्वारा निकलवाने की ज़रूरत पड़ सकती है | जब आप अपने रात के क्लीनजिंग रूटीन के लिए बहुत थके हुए हो अपने बेड के पास मेकअप रिमूवर पैड्स रखें |

3. आँखों का व्यायाम आँखों को एक बार छत की ओर देखें एक बार फर्श की ओर देखें। एक बार दाएं तरफ देखें और एक बार बाएं तरफ देखें। आँखों को गोलाई में नजरें घुमाएं पहले एक दिशा और फिर दूसरी दिशा में नजर घुमाए। इससे आपके आँखों का व्यायाम हो जाएगा।

खान – पान

1. हरी पत्तेदार सब्जियां व फल हरी पत्तेदार सब्जियां व फल आंखों के लिए विटामिन ए सबसे महत्वपूर्ण विटामिन होता है, इसकी कमी से नाइट ब्लांइडनेस की शिकायत हो सकती है। वसा में घुलनशील विटामिन ए की जरूरत सबसे अधिक रेटीना को होती है। हरी और पत्तेदार सब्जियों में विटामिन ए सबसे अधिक पाया जाता है। हरी सब्जियों में मौजूद केरोटिन तत्व विटामिन ए में बदल जाता है। इसलिए पालक, पुदीना, मेथी, बथुआ, सेमी बींस, आदि का सेवन करें। विटामिन सी के सेवन से आंखों की रोशनी बढती है। अमरूद, संतरे, अनानास, तरबूज और अंगूर में विटामिन ए और सी पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता है।

2. ड्राईफ्रूट ड्राईफ्रूट  आंखों की रोशनी को बढ़ाने के लिए ड्राईफ्रूट्स का सेवन करना भी लाभदायक होता है। ड्राईफ्रूट्स किंग किशमिश में विटामिन ए, ए-बीटा कैरोटीन और ए-कैरोटीनॉइड से भरपूर होता है, जो आंखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक होता है। इसमे मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट आंखों को फ्री रैडिकल्स से लड़ने में मदद करता है। रोजाना किशमिश खाने से आंखों की कमजोरी, मसल्स डैमेज, मोतियाबिंद आदि नहीं होता। सूखी खुबानी में विटामिन ए, बी कॉम्लेक्स और सी की प्रचुरता होती है जो आंखों के लिए फायदेमंद है।

3. जिंक फूड जिंक आपकी आंखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है। जिंक, विटामिन ए के लिए रेटिना की मदद करता है। बिना जिंक के आंखों को जरूरत के अनुसार पर्याप्त विटामिन नहीं मिला, तो परिणामस्वरूप आपकी नजरें कमजोर होने लगती है। मुंगफली, दही, डार्क चॉकलेट, तिल व कोको पाउडर आदि में जिंक भरपूर मात्रा में पाया जाता है। देखने की क्षमता उम्र भर एक सी बनी रहे। इसके लिए प्याज व लहसुन को अपने खाने में शामिल करना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को मोतियाबिंद की समस्या हो तो उसे सेलेनियम से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए।

4. अंडा व मछली अंडा व मछली आंखों के लिए अंडा काफी लाभदायक होता है। कैरोटिनायड्स का निर्माण करने वाले ल्यूटिन व जीजेंथिन नामक तत्व किसी अन्य पदार्थ की अपेक्षा अंडे में प्रचुरता में पाए जाते हैं। रोज एक अंडा खाने से केरोटिनाइड्स की कमी के कारण आंखों के सेल्स में होने वाला क्षरण रोका जा सकता है।आंखों के लिए अंडा काफी लाभदायक होता है। रोज एक अंडा खाने से केरोटिनाइड्स की कमी के कारण आंखों के सेल्स में होने वाला क्षरण रोका जा सकता है। मछली में ओमेगा 3 भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो आंखों की रोशनी के लिए लाभदायक होता है।

5. बादाम वाला दूध हफ्ते में 3 बार बादाम वाला दूध पीएं। इसमें विटामिन ई होता है जो आंखों के विकार दूर करने में फायदेमंद होता है। विटामिन ई जैसे ऐंटीऑक्सिडेंट्स आंखों के लेंस को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते है। सभी प्रकार के खाने वाले तेलों में गिरीदार फलों तथा बीजों में विटामिन ई पाया जाता है। इनके सेवन से आंखें बहुत अच्छी रहती हैं। इनके सेवन की आदत डाल लें और अपनी दैनिक खुराक में इन्हे शामिल कर लें।