ललितपुर: अंतिम दिन मेला में जमकर हुई खरीदारी, बच्चों ने उठाया लुत्फ़

ललितपुर। ग्राम राखपंचमपुर स्थित सिद्ध बाबा मंदिर से 18 मार्च को गाजे बाजे के साथ भगवान श्री राम जानकी के विमान की विदाई होगी। मेला के अंतिम दिन दूरदराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेका। मेला में बच्चों ने झूूलों का आनंद उठाया। इस दौरान मेला में मटकों की खूब खरीदारी हुई।

सुबह से ही मेला में श्रद्धालुओं का उमड़ना शुरू हो गया था। मेला का अंतिम दिन होने के कारण दिन भर श्रद्धालु सीदा व चढ़ावा चढ़ाने का सिलसिला चलता रहा। वहीं, श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से श्री सिद्ध बाबा की पूजा-अर्चना कर आरती उतारी तो कई श्रद्धालुओं ने कथा करवाई। तमाम श्रद्धालु सिद्ध बाबा मंदिर के पंडा को फोड़ा व फुंसी की समस्या बताते रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं को भभूति का लेपन करने की सलाह दी। ऐसी मान्यता है कि सिद्ध बाबा की पवित्र भभूति लगाने से चर्म रोग से छुटकारा मिल जाता है। रंगपंचमी पर ग्राम राखपंचमपुर के राम-जानकी मंदिर से विमान गाजे बाजे के साथ मंदिर में विराजमान हुए थे।

तीन दिन रुकने के बाद 18 मार्च को श्री सिद्ध बाबा मंदिर से भगवान के विमान की विदाई होगी। पुरुष, महिलाएं और बच्चों ने झूला में झूलकर भरपूर आनंद लिया। कई पुरुष व महिलाओं ने मिट्टी के बर्तनों की खरीदारी की। देवेंद्र राय ने बताया कि 18 मार्च को दोपहर 12 बजे श्री सिद्ध बाबा मंदिर प्रांगण में मेला प्रभारी तहसीलदार सदर मनोज कुमार सरोज की मौजूदगी में आटा दाल एवं वार्षिक दुकानों की नीलामी की जाएगी।

मेला को सफल बनाने में मेला प्रभारी तहसीलदार सदर मनोज कुमार सरोज, सीओ तालबेहट देवेंद्र सिंह, थानाध्यक्ष जखौरा अवध नारायण पाण्डेय, पुलिस मेला प्रभारी बृजेश सिंह गोर, उप निरीक्षक कमलेश कुमार, शिवकरन, कंपनी कमांडर इंद्रपाल सिंह तोमर, राखपंचमपुर ग्राम प्रधान लाखन सिंह यादव, लेखपाल सुशील कुमार शुक्ला, लेखपाल मोहन लाल चंदेल, लेखपाल देवीदयाल, पूर्व प्रधान जयराम सिंह लोधी, देवेंद्र शर्मा एडवोकेट, सीताराम, कृपाल सिंह, दीपचंद्र कुशवाहा, विनोद शर्मा, विक्रम सिंह लोधी, मंगल सिंह राजपूत, सरमन, राजेन्द्र सिंह, शिवप्रसाद लोधी, राजकुमार, रूपसिंह मलईया, शिवचरण कुशवाहा, छक्कीलाल, वीरन मुकददम, कल्यान पाल, शिवलाल पंडा, ईंदल पंडा, शिशुपाल पंडा, वीरन पंडा, जगरोपन पंडा, अशोक शर्मा, तिलकराम, जगदीश प्रसाद, देवकीनंदन चौबे, काशीराम, शिवलाल, भग्गे अहिरवार, रमेशचंद्र जैन, रामदास शर्मा, रगवीर विश्वकर्मा, खिलान राजपूत, किशोरी प्रजापति, नाहर सिंह, नंदकिशोर प्रजापति, रगवर प्रजापति, भगतसिंह लोधी, राजू सेन आदि का विशेष सहयोग रहा।