वनवासी परिवारों के होनहार बच्चों के लिए एकलव्य शिक्षा विकास योजना 

रायसेन@ वन क्षेत्रों में निवास करने वाले तेंदूपत्ता संग्राहकों के होनहार बच्चे धनाभाव के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित न रहे इसके लिए एकलव्य शिक्षा विकास योजना संचालित की जा रही है। इस योजना में तेंदूपत्ता संग्राहकों, फड़ मुंशियों एवं वनोपज समितियों के प्रबंधकों के बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों में बच्चों का प्रवेश कराकर शिक्षा का व्यय वनोपज संघ द्वारा वहन किया जाता है ताकि वनवासी परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके।
इस योजना का लाभ प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहकों, फड़ मुंशियों एवं वनोपज समितियों एवं प्राथमिक वनोपज समितियों के प्रबंधकों के बच्चों को प्राप्त होगा। संग्राहक के लिए आवश्यक है कि इन पांच वर्षो में कम से कम तीन वर्षो में प्रत्येक वर्ष उसके द्वारा न्यूनतम एक मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया गया हो। फड़ मुंशी एवं समिति प्रबंधक द्वारा कम से कम तीन वर्षो में तेंदूपत्ता सीजन में कार्य किया गया हो।

इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित करने के लिए उन्हीं बच्चों के प्रकरणों पर विचार किया जाएगा जिन्होंने पिछले शिक्षा सत्र में कम से कम 60 प्रतिशत अंक अथवा समकक्ष ग्रेड अर्जित किया गया हो। इस योजना में कक्षा 9वीं से कक्षा 12वीं तक एवं स्नातक स्तर की शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों को प्रावीण्य सूची के आधार पर शामिल किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत चयनित छात्र-छात्राओं को शिक्षण शुल्क, पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित पुस्तकों के क्रय में होने वाला व्यय, छात्रावास में ठहरने एवं भोजन पर व्यय तथा वर्ष में एक बार अपने घर जाने एवं वापस शिक्षण स्थल तक आने के लिए निकटतम मार्ग से रेल में स्लीपर क्लास अथवा साधारण श्रेणी का बस किराए पर यात्रा व्यय मिलने की पात्रता होगी।

एकलव्य शिक्षा विकास योजना के अंतर्गत यदि चयनित छात्र-छात्राओं को निरंतर न्यूनतम 60 प्रतिशत अथवा समकक्ष ग्रेड प्राप्त करना होगा। यदि किसी अप्रत्याशित परिस्थितिवश किसी चयनित छात्र-छात्रा का प्रदर्शन 60 प्रतिशत से नीचे जाता है तो उसके द्वारा आवेदन प्रस्तुत करने के उपरांत उसे अपने प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए अधिकतम एक अवसर प्रदान किया जा सकता है।

एकलव्य शिक्षा विकास योजना के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को मिलने वाली कुल सहायता की वार्षिक सीमा निर्धारित होगी, जिसमें कक्षा 9वीं एवं 10वीं के छात्रों को 12 हजार रूपए तथा कक्षा 11वीं एवं 12वीं के छात्रों को 15 हजार रूपए की सहायता प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार गैर तकनीकी स्नातक छात्रों को 20 हजार रूपए तथा व्यावसायिक कोर्स के छात्रों को 50 हजार रूपए की सहायता प्रदान की जाएगी।

चयनित छात्र-छात्राओं को केन्द्रीय या राज्य शासन अथवा किसी भी अन्य संस्थान आदि से किसी अन्य योजना के अंतर्गत कोई छात्रवृत्ति अथवा सहायता प्राप्त हो रही है तो वनोपज संघ द्वारा इस योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता में उसे प्राप्त हो रही राशि की सीमा तक कम की जा सकती है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष संघ के संचालक मंडल द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता के लिए बजट की राशि निर्धारित की जाती है। इस स्वीकृति बजट के अंतर्गत श्रेष्ठता क्रम में चयनित छात्र-छात्राओं को इस योजना का लाभ मिल सकेगा। इस योजना के अंतर्गत प्रवीणता के आधार पर छात्र-छात्राओं के चयन के लिए सूची राज्य स्तर पर वनोपज संघ द्वारा तैयार की जाएगी