भावांतर के फायदे से खुश हो रहे है किसान “स्टोरी”

भिण्ड @ भिण्ड जिले किसानों की खेती को फायदे का धंधा बनाने की दिशा में निरंतर पहल की जा रही है। जिसमें मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के माध्यम से जिले के 82 किसानों को लाभान्वित करने की पहल की गई है। राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के माध्यम से 1 नवम्बर से 30 नवम्बर तक विक्रय की गई खरीफ फसल के अंतर की राशि लहार क्षेत्र के आलमपुर निवासी किसान श्री जनवेद सिंह, यदुनाथ सिंह, सूरतराम भावांतर के फायदे से खुश हो रहे है।

जिले की तहसील लहार तहसील क्षेत्र के आलमपुर के रहने वाले किसान जनवेद सिंह, यदुनाथ सिंह सूरतराम, भूरे सिंह को उनकी रबी फसलों के विक्रय के लिए चिंतित हो रहे थे, कि उनको मालूम नहीं था कि हमें अच्छी कीमत मिलेगी या नहीं।

उनकी चिंता जब दूर हुई तब उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया, क्षेत्रीय विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह, मेहगांव क्षेत्र के विधायक चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी ने जगदीश मैरिज गार्डन भिण्ड में आयोजित समारोह के दौरान अंतर की राशि के प्रमाण पत्र प्रदान किए। तब इन किसानों की चिंता दूर हुई।

आलमपुर के किसान जनवेद सिंह, यदुनाथ सिंह सूरतराम ने बताया कि हमने कृषि उपज मण्डी में फसल बेची थी। तब उनकी विक्रय फलस के अंतर की राशि भुगतान का आयोजित सम्मेलन में दिए गए प्रमाण पत्र से भरोसा हो गया। मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के भिण्ड में 6 जनवरी को आयोजित सम्मेलन में उनको भाव के अंतर की राशि प्राप्त हुई।

साथ ही कलेक्टर डॉ इलैया राजा टी एवं उप संचालक कृषि एसपी शर्मा के द्वारा उनके खाते में विक्रय फसल के अंतर की राशि पहुंचा दी गई। बैंक में जाकर पूछने पर पता चला कि उनको यह रकम उपज के समर्थन और मॉडल रेट के बीच के अंतर की भावांतर राशि है। इन तीनों किसानों ने इस राशि के मिलने पर अगली फसल की तैयारी शुरू कर दी है।

जिला मुख्यालय भिण्ड के जगदीश मैरिज गार्डन में आयोजित सम्मेलन के दौरान इन किसानों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के उदबोधन को भी सुना। जिसमें किसानों की खरीफ फसल तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उडद, तुअर प्रति क्विंटल भाव के अंतर की राशि किसानों के खाते में प्रदान की जा रही है। इस सम्मेलन में किसान जनवेद सिंह, यदुनाथ सिंह सूरतराम सहित 82 किसानों को 14 लाख 12 हजार 700 से अधिक राशि के प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

साथ ही इन किसानों के खाते में भावांतर की अंतर की राशि उपलब्ध करा दी गई है। यह तीनो किसान मानते है कि उन्हें अगली फसल के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाने पडेंगे। इनका मानना है कि भावांतर की रकम का इस्तेमाल घरेलू खर्चो के साथ खेती-किसानी के लिए किया जावेगा।

जिले की लहार तहसील क्षेत्र के आलमपुर निवासी किसान जनवेद सिंह, यदुनाथ सिंह सूरतराम ने बताया कि भावांतर भुगतान योजना के अन्तर्गत प्रदेश सरकार द्वारा जिला प्रशासन के माध्यम से पंजीयन कराने की सुविधा प्रदान की थी। जिसके कारण फसल बैचने पर भावांतर के रूप में अच्छी रकम मिली है। यह योजना हमारे लिए फायदेबंद साबित हुई है।

उप संचालक कृषि एसपी शर्मा ने बताया कि जिले की कृषि उपज मण्डियों में किसानों की उपज की समय पर सही तुलाई और भुगतान के पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। भावांतर भुगतान योजना में किसानों का बडी संख्या में पंजीयन करवाने की सुविधा दी गई थी। किसानों के खाते में भावांतर की राशि जमा करा दी गई है। साथ ही उनको सूचना भी समय पर दे दी गई है।