देवरिया के संरक्षण गृह में हुई घटना के मामले में तेज़ हुई कार्रवाई

कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि हालिया NGO के बारे में किये गए सर्वे के बारे में रिपोर्ट पेश करे। इस मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त को होगी। उत्तर प्रदेश के देवरिया के संरक्षण गृह में हुई घटना को लेकर कारवाई तेज़ है।इस मामले की गूँज कल संसद में भी सुनाई दी। उत्तर प्रदेश सरकार कहा है कि देवरिया में हुई घटना की जांच के लिये विभिन्न स्तरों पर कारवाई की जा रही है।

प्रदेश की महिला एवं परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि पिछले एक साल के दौरान देवरिया के ज़िलाधिकारी को संरक्षण गृह बंद करने और उनमें रह रहे बच्चों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के लिए कम से कम 15 नोटिस दिए गये थे। कारवाई मे कोताही बरतने के चलते देवरिया के ज़िलाधिकारी सुजीत कुमार को हटा दिया गया है। वहीं बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका संरक्षण गृह से गुम हुईं लड़कियों की तलाश जारी है।

उच्चतम न्यायालय ने भी इस मामले पर राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है उत्तर प्रदेश सरकार कहा है कि देवरिया में हुई घटना की जांच के लिये विभिन्न स्तरों पर कारवाई की जा रही है। प्रदेश की महिला एवं परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि पिछले एक साल के दौरान देवरिया के ज़िलाधिकारी को संरक्षण गृह बंद करने और उनमें रह रहे बच्चों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के लिए कम से कम 15 नोटिस दिए गये थे।

कारवाई मे कोताही बरतने के चलते देवरिया के ज़िलाधिकारी सुजीत कुमार को हटा दिया गया है संरक्षण गृह को बंद करने का आदेश दिए जाने से छह महीने बाद तक देवरिया के डीपीओ रहे अभिषेक पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। उनके बाद दो अधिकारियों नीरज कुमार और अनूप सिंह को उनके विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। इन दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।

देवरिया में बालिका गृह में हुई घटना का मामला संसद मे भी उठा। मामले पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने त्वरित कारवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है, और इस मामले की जांच मे किसी तरह की कोताही नहीं बरती जायेगी। गृह मंत्री ने कहा कि बाल गृह की संचालिका और उसके पति को गिरफ्तार कर लिया गया है।

उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच अतिरिक्त मुख्य सचिव और डीजी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। उधर बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका संरक्षण गृह से गुम हुईं लड़कियों की तलाश जारी है। 11 लापता लड़कियों मे से 1 को मुजफ्फरपुर मे ही ढूंढ लिया गया है। हालांकि संरक्षण गृह के रिकार्ड मे गड़बड़ियों की वजह से इस काम में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

उधर उच्चतम न्यायालय ने मुजफ्फरपुर बालिका संरक्षण गृह मे बच्चियों के साथ यौन शोषण के मामले पर राज्य सरकार से विसतृत रिपोर्ट मांगी है। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से पूछा कि एनजीओं को किस आधार पर वित्तीय सहायता दी जा रही थी, क्या इसकी विश्वसनीयता की जांच कभी की गयी। इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार से पीड़ित लड़कियों की कॉउंसलिंग के संबंध मे भी जानकारी मांगी।

जिस पर राज्य सरकार ने कारवाई किये जाने की बात कही। उच्चतम न्यायालय ने मुजफ्फरपुर मे बालिका संरक्षम गृह मे बच्चियों के साथ हुई बलात्कार के साथ ही उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले बालिका गृह मे बच्चियों के साथ हुई दुर्व्यवहार की रिपोर्टिंग के दौरान पीड़िताओं के नामों को सार्वजनिक करने से मना किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने देश भर रेप के किसी भी मामले में नाबालिग पीड़ित के इंटरव्यू और उसे किसी भी तरह से दिखाने पर रोक लगाई है।

मुजफ्फरपुर मामले में एक आरोपी की पत्नी के फेसबुक पर पीड़ितों के नाम उजागर करने के मामलेमें कोर्ट ने नाम हटाये जाए और आरोपी की पत्नी को गिरफ्तार किया जाने का निर्देश दिया है। हालांकि कोर्ट ने कहा कि NCPCR और राज्य कमीशन रेप पीड़ित से बात कर सकते है , बशर्ते उनके साथ मनोवैज्ञानिक हो। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि हालिया NGO के बारे में किये गए सर्वे के बारे में रिपोर्ट पेश करे। इस मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त को होगी।