वित्तमंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में पेश किया आर्थिक सर्वेक्षण का दूसरा भाग

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में साल 2016-17 के आर्थिक सर्वेक्षण का दूसरा भाग पेश किया। इस साल बजट पारित होने की तारीख 1 फरवरी कर दिए जाने की वजह से सर्वेक्षण का काम पूरा नहीं हो पाया था और इसलिए अब सर्वे का दूसरा भाग संसद में रखा गया है।

सर्वे में इस साल देश की विकास दर 6.75 से 7.5 फीसदी के बीच रहने की उम्मीद जताई गई है। सर्वे में जीएसटी, विमुद्रीकरण, सब्सिडी को तर्कसंगत बनाने, एअरइंडिया के निजीकरण जैसे फैसलों को काफी सकारात्मक करार दिया गया है।

सर्वे में राहत की खबर ये भी है कि मार्च 2018 तक देश में औसत महंगाई दर 4 फीसदी से कम ही रहने की उम्मीद है। सर्वे के मुताबिक विमुद्रीकरण से देश में कैश सर्कुलेशन में 22 फीसदी की कमी आ गई थी।

विदेशी व्यापार के मोर्चे पर भी शुरुआती लक्षण काफी उत्साहजनक हैं और रूपए की स्थिरता ने एक्सपोर्ट को काफी मदद पहुंचाई। दो सालों के बाद एक्सपोर्ट में तेजी देखी गई है और साल 2016-17 में देश में व्यापार घाटा इससे पहले साल में जीडीपी के 6.2 फीसदी से घटकर केवल आधे फीसदी पर पहुंच गया है।