कोटा चयन को लेकर फायरिंग-

प्रतापगढ़:प्रतापगढ़ 03\07\2019 भूमि संरक्षण अधिकारी (आई डब्लू डी) प्रतापगढ़ की लापरवाही के कारण भारी खून खराबा होते होते बचा गुप्त मतदान कराने के बजाय हांथ उठाने पर ही दिया जोर सी डी वीडियो ग्राफी वाले हुए फरार।आपको बता दे कि एक महीने पहले ही 15 जून को आदेश आने के पहले ही पितई पुर विकास खण्ड मान्धाता ग्राम सभा मे कोटेदारी प्रक्रिया को लेकर भारी खूनी साजिस रची गयी थी।  लेकिन कुछ समाज सेवी व विपिन सिंह प्रभारी निरीक्षक मान्धाता के सक्रियता से नही हो पाया।  भारी जनहानि जबकि पचासों फायरिंग बमबाजी चार पुलिस वालों के सामने ही हुई थी।  मौके पर दोनो पक्षो के मारपीट के दौरान आधा दर्जन लाइसेंसी असलहे एक दर्जन से ज्यादा अवैध असलहों से से लैस थे।  कोटा चयन प्रक्रिया के समय जिसके कारण जमकर हुई फायरिंग बाद में पूरी फोर्स व CO के पहुँचने के बाद आधा दर्जन लोगों को उठाया गया है। प्रतापगढ विकास खंड मान्धाता के ग्राम सभा पितईपुर में आज कोटेदार का चयन गांव की खुली बैठक मे होना था। चयन में सम्मिलित होने के लिए गांव के लोग एकत्र हो रहे थे। गांव के कोटे के लिए दो लोग मैदान में थे।1. दीपक पटेल 2. विजय कुमार मौर्य की पत्नी मैदान में थी। जैसे ही गांव के लोग एकत्र हुए , दोनों के समर्थकों के बीच बाद विवाद शुरू हो गया। वाद विवाद ही नहीं , समर्थक इतने आक्रमक हो गए कि दोनों तरफ से फायरिंग शुरू हो गई। विजय मौर्या व दीपक पटेल के समर्थकों में जमकर चले गोलियां और बम इसी दौरान गोली सहबान ऊर्फ सेबू 18 वर्ष पुत्र रमजान को भी गोली लगी फायरिंग होते ही अफरा तफरी मच गई। सहबान को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मान्धाता लाया गया।{ब्यूरो रिपोर्ट  प्रतापगढ़}