प्रदेश में सिंचाई के लिए लागू होगा बिजली प्रदाय का “फ्लेक्सी प्लान”

Tags:
इस ख़बर को शेयर करें:

जबलपुर | मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में जनता को सिंचाई के लिए भरपूर बिजली प्रदाय करने एवं बिजली की बचत के उद्देश्य से “फ्लेक्सी प्लान” लागू किया जाएगा। इस योजना के लागू होने से एक तरफ किसानों को उनकी सुविधा अनुसार भरपूर बिजली मिलती रहेगी, वहीं प्रतिदिन लगभग 1.5 हजार मेगावाट बिजली बचेगी, जिससे प्रतिदिन लगभग एक करोड़ रूपए की बचत होगी।

दिन में बिजली प्रदाय के घंटे बढ़ाएं

 

वर्तमान विद्युत क्षमता (प्रतिदिन)
स्रोत क्षमता मेगावॉट में दिनांक 01.11.2020 की स्थिति
राज्य-थर्मल 5,400
राज्य-जल विद्युत 917
संयुक्त उपक्रम एवं अन्य हायडल 2456
केन्द्रीय क्षेत्र 5,055
निजी क्षेत्र 1942
यूएमपीपी 1485
नवकरणीय 3,965
कुल 21,220

कुल 21,220 मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वर्तमान में किसानों को सिंचाई के लिए दिन व रात में बिजली दी जाती है। रबी में सर्दी में खेतों में सिंचाई करना किसानों के लिए कष्टकारक होता है, अत: दिन में सिंचाई के लिए बिजली प्रदाय के घंटे बढ़ाए जाएं। यथासंभव किसानों को सिंचाई के लिए बिजली दिन में प्रदाय की जाए।

“गुजरात मॉडल” स्टडी करें
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वर्तमान में गुजरात में किसानों को सिंचाई के लिए पूरी बिजली दिन में ही दी जा रही है। उन्होंने प्रमुख सचिव को निर्देश दिए कि गुजरात मॉडल स्टडी कर मध्यप्रदेश में किसानों की सुविधा एवं आवश्यकता की दृष्टि से बिजली प्रदाय की जाए।

निर्बाध बिजली प्रदाय के लिए, ऊर्जा विभाग को दी बधाई
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में सिंचाई एवं घरेलू प्रयोजन के बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव सहित पूरे अमले की सराहना करते हुए सभी को बधाई दी।

100 यूनिट तक बिजली पर 100 रूपए बिल
प्रमुख सचिव ने बताया कि वर्तमान में 100 यूनिट तक बिजली की खपत पर 100 रूपए का बिल दिया जा रहा है। इसी प्रकार 100 से 150 यूनिट तक की खपत पर 384 रूपए महीने का बिल दिया जा रहा है। इसके बाद सामान्य दर पर बिजली दी जा रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि हर गरीब को सस्ती बिजली मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। बिजली बिलों की नियमित वसूली भी होनी चाहिए।

जागरूकता अभियान चलाएं
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गरीबों और किसानों को सस्ती बिजली प्रदाय के साथ ही यह भी आवश्यक है कि उपभोक्ता बिजली बिलों का नियमित रूप से भुगतान करें। इसके लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।

क्या है “फ्लेक्सी प्लान”
प्रदेश में वर्तमान में 11 के.वी. कृषि फीडरों से सिंचाई की बिजली दिन में 6 घंटे व रात में 4 घंटे प्रदाय की जाती है। “फ्लेक्सी प्लान” के अंतर्गत इतने ही समय बिजली प्रदाय की जाएगी, परंतु पीक लोड के समय को छोड़कर कम लोड के समय बिजली प्रदाय की जाएगी। प्रात: 9 बजे सर्वाधिक लोड का समय होता है।

अत: इस समय को छोड़कर बिजली दी जाएगी। फ्लेक्सी प्लान के अंतर्गत “ए” “बी” एवं “सी” समूह में बिजली दी जाएगी। इस योजना के अंतर्गत प्रतिदिन बिजली की अधिकतम मांग 16 हजार मेगावाट से घटकर 14 हजार 766 मेगावाट हो जाना अपेक्षित है। बिजली की मांग घटने से किसानों को अतिरिक्त बिजली दी जा सकेगी तथा अन्य राज्यों को बिजली बेची भी जा सकेगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में ऊर्जा विभाग की उच्च स्तरीय बैठक ले रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, डीजीपी श्री विवेक जौहरी, प्रमुख सचिव ऊर्जा विभाग श्री संजय दुबे आदि उपस्थित थे।