बनारस की बेटी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह बनीं राफेल स्क्वाड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट

नई दिल्ली।​ दुनिया का सबसे खतरनाक फाइटर जेट राफेल उड़ाने के लिए जिस महिला पायलट को चुना गया है वह वाराणसी की रहने वाली फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह हैं। उनकी ट्रेनिंग अंबाला ‘गोल्डन एरो’ स्क्वाड्रन में शुरू हो चुकी है। वायुसेना की 10 महिला पायलटों में से उनका चयन आंतरिक प्रक्रिया के तहत किया गया है। वह इससे पहले मिग-21 बायसन लड़ाकू विमान उड़ाती रही हैं।

राफेल स्क्वाड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह को बचपन से ही आसमान में उड़ने के सपने आते थे। वाराणसी की रहने वाली शिवांगी सिंह को 2017 में भारतीय वायुसेना में कमीशन किया गया था। इसके बाद से वह ​मिग-21 ​बायसन लड़ाकू विमान उड़ा रही हैं।

शिवांगी सिंह राजस्थान के एक सीमावर्ती बेस से ​भारत के सबसे प्रसिद्ध फाइटर पायलटों में से एक विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान के साथ उड़ान भर चुकी है। अभिनंदन को बालाकोट स्ट्राइक के समय पिछले साल 27 फरवरी को पाकिस्तानी वायु सेना ने बंदी बना लिया गया। इस बीच वायुसेना ने 10 महिला पायलट्स में से एक को राफेल लड़ाकू बेड़े में शामिल करने की योजना बनाई।

अंबाला स्क्वाड्रन में वायुसेना की महिला पायलटों ने राफेल उड़ाने का प्रशिक्षण हासिल करने के लिए सभी तैयारियां कीं, जिसमें से ​ फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह के एक चालक दल ने मल्टी रोल विमान उड़ाया। भारतीय वायुसेना ने हवाई प्रभुत्व वाले मल्टी रोल विमान उड़ाने पर आंतरिक चयन प्रक्रिया के तहत अपने महिला चालक दल में से शिवांगी सिंह को राफेल लड़ाकू बेड़े में शामिल होने के लिए चुना।

चूंकि एक बार किसी भी लड़ाकू विमान का प्रशिक्षण लेने के बाद दूसरा एयरक्राफ्ट उड़ाने के लिए पायलट्स को ‘कनवर्जन ट्रेनिंग’ की जरूरत पड़ती है। इसलिए अब शिवांगी सिंह को राफेल लड़ाकू विमान उड़ाने के लिए ‘कनवर्जन ट्रेनिंग’ दी जा रही है और वह जल्द ही अंबाला में 17 स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरो’ का औपचारिक हिस्सा बन जाएंगी।

वाराणसी में ​शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद वह बनारस ​हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में शामिल हुई, ​जहां वह नेशनल कैडेट कोर में 7 यूपी एयर स्क्वाड्रन का हिस्सा थीं। 2016 में प्रशिक्षण के लिए​ उन्होंने वायु सेना अकादमी ​ज्वाइन की​।​ इसके बाद 2017 में​ वह भारतीय वायुसेना ​का हिस्सा बनीं​। ​​उनका यह प्रशिक्षण इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि करियर की शुरुआत वायुसेना के सबसे पुराने जेट​​ मिग​-​21 से ​करने वाली ​शिवांगी सिंह ​अब दुनिया के सबसे आधुनिक और खतरनाक जेट​ ​राफेल में ​उड़ान भरने लायक हो जाएंगीं​।

​शिवांगी ​जब 2017 ​में वायुसेना में शामिल हुईं तो उस समय उनकी ही साथी महिला फाइटर पायलट ​​​फ्लाइट लेफ्टिनेंट ​प्रतिभा को ​सुखोई​-30 ​एमकेआई की उड़ान भरने की वजह से सबसे काबिल समझा जाता है।​ ​फ्लाइट लेफ्टिनेंट ​शिवांगी की एंट्री ​गोल्डन एरो स्क्वाड्रन में उस समय हुई है, जब राफेल पूरी तरह ऑपरेशनल मोड में है और चीन से टकराव के चलते लद्दाख सीमा पर तैनाती की गई है।