कई राज्यों में बाढ की हालत अब भी गंभीर

देश के कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ से हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं। बिहार में कोसी, महानन्दा, बागमति और गंडक नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में अब तक 106 लोगों की जान जा चुकी है। बाढ़ के चलते लाखों लोग बेघर हो गए हैं।

मुख्‍यमंत्री नी‍तीश कुमार और उपमुख्‍यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कल गोपालगंज और पश्चिमी चंपारण के क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। राज्य में सोलह जिलों के 96 लाख से अधिक लोग भयंकर बाढ़ की चपेट में हैं। 504 राहत शिविरों में लाखों लोग शरण लिए हुए हैं। वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से अभी तक 170 टन राहत सामग्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों तक पहुंचाई गई है।

उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश के चलते 15 जिले भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, बलरामपुर ज़िले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। राज्य में बारिश और बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या 33 हो चुकी है। अब तक लगभग 2500 लोगों को एनडीआरएफ की टीम ने बचाया है और लोगों को खाने के पैकेट बांटे गए।

वहीं असम में बारिश में थोड़ी कमी से हालत में थोड़ा सुधार है लेकिन पिछले 24 घंटे में 10 लोगों की मौत के साथ हाल में आई बाढ़ की वजह से मारे जाने वालों की संख्या 49 तक पहुँच गई है। इस साल बाढ़ की वजह से अभी तक कुल मिलाकर राज्य के 133 लोगों की जानें जा चुकी है। 24 ज़िलों में कुल मिलाकर 32 लाख लोग प्रभावित हैं। एक लाख से भी अधिक लोग शरणार्थी शिविरों में शरण लिए हुए हैं।

पश्चिम बंगाल में भी बाढ़ से कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई है और राज्य में 14 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित राज्यों में एनडीआरएफ की 119 टीमें तैनात हैं। इनमें से बिहार में 27, उत्तर प्रदेश में 23, असम में 19 और पश्चिम बंगाल में 11 टीमें तैनात की गई हैं। इन टीमों ने अभी तक 1334 लोगों की जान बचाई है और लगभग 35000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया है।