अस्‍वस्‍थ मोटापे से बचाव के लिए इन तरीकों को अपनाएं
रुग्‍ण मोटापा यानी मो‍रबिड ओबेसिटी एक गंभीर समस्‍या है। इसके कारण आदमी को कई प्रकार की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि इस बीमारी से कैसे बचा जाए और अगर आप इसके शिकार हो ही गए हैं तो कैसे इससे निजात पायी जाए।
 
रुग्ण मोटापा या मोरबिड ओबेसिटी उस स्थिति को कहते हैं जब बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की रेटिंग 40 से अधिक हो जाती है। यह स्थिति धीरे-धीरे शुरू होती है और समय के साथ शरीर का वजन बढ़ता जाता है।
 
रुग्‍ण मोटापे से ग्रस्‍त लोग को कई प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यायें होने लगती हैं। जीवनशैली, मेटाबॉलिक समस्‍यायें, वंशानुगत, खान-पान की खराब आदतें इसके प्रमुख कारण हैं। इसके कारण उच्‍च रक्‍तचाप, हृदय समस्‍यायें, गैस्‍ट्रोइंस्‍टेस्‍टाइनल रीफ्लक्‍स रोग, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
 
अमेरिकन ओबेसिटी एसोसिएशन के अनुसार रुग्‍ण मोटापा यानी मो‍रबिड ओबेसिटी एक गंभीर समस्‍या है, इसके कारण आदमी को कई प्रकार की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
 
मोरबिड ओबेसिटी का उपचार
मोरबिड ओबेसिटी से छुटाकारा पाने के लिए बाजार में कई विकल्‍प मौजूद हैं। जिनकी सहायता से शरीर की अतिरिक्‍त चर्बी को कम किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए सबसे ज्‍यादा जरूरी है परहेज, व्‍यायाम और खान-पान में सुधार। आइए हम आपको कुछ तरीकों के बारे में बताते हैं जिनके जरिए अस्‍वस्‍थ मोटापे को कम किया जा सकता है।
 
आहार योजना
अस्‍वस्‍थ मोटापे को नियंत्रित करने की शुरुआत अपने खान-पान से कीजिए। आप यह देखिए कि नियमित रूप से आप कितनी ज्‍यादा कैलोरी ले रहे हैं। अगर आप ज्‍यादा कैलोरी का सेवन कर रहे हैं तो उसे कम कीजिए।  एक डायट चार्ट बनाइए और उसके अनुसार ही खाइए, आपके डायट चार्ट में सारे पौष्टिक तत्‍व मौजूद होने चाहिए। आबेहतर होगा अगर आप एक बार में अधिक भोजन करने के बजाय थोड़ा-थोड़ा खाना कई बार में खाइए। 
 
खाने में सलाद का इस्तेमाल ज्यादा कीजिए। मसालेदार व तैलीय खाने की बजाय ब्रोकली, कैबिज और कई तरह के सलाद खाएं। खाने से आधा घंटा पहले और खाने के आधा घंटा बाद पानी पीजिए। सोने से दो घंटा पहले खाना खा लीजिए, इससे खाना अच्‍छे से पच जायेगा। अपने लिए मुफीद डायट चार्ट बनाने के लिए आप किसी विशेषज्ञ की सहायता भी ले सकते हैं।
 
व्यायाम
अमेरिकन कॉलेज ऑफ स्‍पोर्ट्स मेडिसिन के अनुसार, मोटे लोगों को एक सप्‍ताह में कम से कम 150 मिनट (22 मिनट प्रत्‍येक दिन) तक व्‍यायाम करना चाहिए। इसके लिए एरोबिक्‍स, जॉगिंग, वॉकिंग, रनिंग आदि करना चाहिए। इसके अलावा योगा भी किया जा सकता है, योग के कुछ आसन जैसे – त्रिकोणासन, कोणासन, उत्पादासन, पवनमुक्तासन, सूर्य नमस्कार, गरूड़ासन आदि वजन कम करने में सहायक हैं। व्‍यायाम और योग करने से हार्ट अटैक, उच्‍च रक्‍तचाप, मधुमेह, आदि नियंत्रित रहता है।
 
सर्जरी
जिन लोगों का बीएमआई 40 या उससे अधिक है वो इसे कम करने के लिए सर्जरी की सहायता ले सकते हैं। इसके लिए बेरियाट्रिक सर्जरी और गैस्ट्रिक बाइपास सर्जरी करावाया जा सकता है। बेरियाट्रिक सर्जरी में पेट के कुछ हिस्‍सों को सील किया जाता है जिससे आदमी ज्‍यादा खाना न खा सके। सर्जरी कुछ लोगों के लिए वरदान साबित होती है और इसके बाद वे सामान्‍य जीवन यापन कर सकते हैं।
 
*अस्‍वस्‍थ मोटापा नियंत्रित करने के लिए अन्‍य सुझाव
*ज्यादा से ज्यादा ताजे फल और हरी सब्जियां खायें।
*तला-भुना खाने से परहेज कीजिए।
*नियमित व्‍यायाम बहुत जरूरी है।
*धीरे, परंतु लगातार वजन कम करें।
*ज्यादा उपवास न करें।
*थोड़-थोड़े अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा खाना खायें।
*भोजन में चीनी, चर्बीयुक्त खाद्य पदार्थ और अल्कोहल कम लें।
*कम चर्बी वाले दूध का सेवन करें।
 
अस्‍वस्‍थ मोटापे को नियंत्रित करने के लिए पानी का अधिक सेवन करें। पानी पीने से शरीर के विषाक्‍त पदार्थ बाहर निकलते हैं और शरीर स्‍वस्‍थ रहता है। इसके अलावा सकारात्‍मक सोच का होना बहुत जरूरी है। सकारात्‍मक सोच के साथ नियमों का पालन कीजिए, मोटापा जरूर नियंत्रित होगा।