गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। दिल्ली के बॉर्डरों को आज देर रात से ही सील कर दिया जायेगा। इसके साथ ही राजपथ और उसके आसपास की सड़कों पर सुरक्षा का विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 24 घंटे सुरक्षा में मुस्तैद पूरे पैरा मिलिट्री फोर्स राजपथ पर परेड स्थल की निगरानी कर रही हैं। इंडिया गेट, राजपथ और उसके आसपास की सभी सड़कों का चप्पा सीसीटीवी कैमरों की हद में हैं। करीब आधा दर्जन कंट्रोल रूम के जरिए इलाके पर सुरक्षाकर्मी अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं।

आतंकी खतरे के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों और दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस की चाक-चौबंद सुरक्षा की हैं। राजधानी हाई अलर्ट पर है। 24 घंटे सुरक्षा में मुस्तैद पूरे पैरा मिलिट्री फोर्स राजपथ पर परेड स्थल की निगरानी कर रही हैं। इंडिया गेट, राजपथ और उसके आसपास की सभी सड़कों का चप्पा सीसीटीवी कैमरों की हद में हैं। करीब आधा दर्जन कंट्रोल रूम के जरिए इलाके पर सुरक्षाकर्मी अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। दिल्ली हमेशा से ही आतंकवादियों के निशाने पर रहती है।

आतंकी खतरे को लेकर देश भर में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी, नेशनल सिक्योरिटी फोर्स, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और खुफिया विभाग समेत तमाम सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। दिल्ली पुलिस ने अपने सभी कर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी है। गणतंत्र दिवस समारोह की सुरक्षा के लिए 10 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।

दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पिछले एक महीने से विदेशों से आने वाली हर कॉल पर नजर रख रही है। सैकड़ों संदिग्ध नंबरों को सुरक्षा एजेंसियों ने सर्विलांस पर ले लिया है। सूत्रों की माने तो पुलिस के पास खुफिया जानकारी है कि कुछ आतंकवादी अफगान पासपोर्ट का प्रयोग कर दिल्ली में घुस सकते है। यही कारण है कि हवाई अड्डों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुलिस आयुक्त आलोक कुमार वर्मा सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने इलाके में लगातार गश्त करते रहें। साइबर कैफे, रेलवे स्टेशनों ,होटलों और गेस्ट हाउसों में ठहरने वालों पर नजर रखी जा रही है।

जगह-जगह पीकेट लगाकर चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी एसीपी और थानों में तैनात इंस्पेक्टरों को कहा गया है कि वो रात को भी थाना न छोड़े। पीसीआर को सड़कों पर गश्त बढ़ाने और संदिग्धों को रोककर उनकी जांच के निर्देश दिए गए हैं।