पहली बार भारत बना विद्युत निर्यातक देश

केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार,क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड ऑफ इलेक्ट्रिसिटी के लिए, पहली बार भारत बिजली के आयातक से बिजली की निर्यातक के तौर पर उभरा है।  केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार, भारत सरकार के नामित प्राधिकरण, क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड ऑफ इलेक्ट्रिसिटी के लिए, पहली बार भारत बिजली के आयातक की जगह निर्यातक के तौर पर उभरा है।

चालू वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान, भारत ने नेपाल,बांग्लादेश और म्यांमार को लगभग 5,798 मिलियन यूनिट उपलब्ध करायी है वहीं दूसरी ओर भूटान से लगभग 5,585 मिलियन यूनिट का आयात किया है, इस लिहाज़ से भारत ने कुल 213 मिलियन यूनिट अधिक का निर्यात कर यह उपलब्धि हासिल की है। नेपाल और बांग्लादेश में निर्यात पिछले तीन वर्षों में क्रमशः 2.5 और 2.8 गुना बढ़ा है।

बिजली के क्रॉस बॉर्डर व्यापार की शुरूआत से ही भारत भूटान से बिजली आयात कर रहा है और मामूली तौर पर नेपाल को बिहार और उत्तर प्रदेश के रास्ते बिजली निर्यात कर रहा है। 80 के दशक से ही भूटान औसतन,5,000 से 5500 मिलियन यूनिट की आपूर्ति भारत में लगातार कर रहा है। जबकि दूसरी ओर भारत नेपाल की को लगभग 190 मेगावॉट बिजली का निर्यात कर रहा था। पर वर्तमान में नेपाल में बिजली का निर्यात लगभग 145 मेगावाट बढ़ा है।

पड़ोसी देश बांग्लादेश को भी भारत से बिजली की आपूर्ति निरंतर होती रही है। सितंबर 2013 में बाहरी रामपुर(भारत) और भेरमारा (बांग्लादेश )के बीच 400 किमी क्रॉस बॉर्डर इंटरकनेक्शन की शुरूआत की गयी थी जो कि वर्तमान में लगभग 600 मेगावाट तक बढ़ी है। फिलहाल नेपाल में बिजली का निर्यात और अधिक बढ़ाने की संभावना है।