कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी से मिलीं विदेश मंत्री

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पाकिस्‍तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की पत्‍नी और माँ ने आज नई दिल्ली में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। इससे पहले कल उन्होंने इस्‍लामाबाद में पाकिस्‍तानी विदेश मंत्रालय में कुलभूषण जाधव से मुलाकात की थी। मुलाकात करने के बाद उनकी माँ और पत्नी लौटीं स्वदेश वापस लौट आयीं हैं। सख्त निगरानी के बीच एक कांच की दीवार के पीछे कुलभूषण जाधव से उनकी पत्‍नी और माँ ने मुलाकात की। उनके बीच शीशे के पीछे से इंटरकॉम फोन के जरिए बातचीत हुई। पाकिस्तान ने भविष्य में और मुलाकातें होने का संकेत दिया है। लेकिन साथ ही कहा है कि जाधव को कांउसलर मदद देने पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।

सोमवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के ऑफिस में कुलभूषण जाधव से उनकी मां और पत्नी मिलने के लिए पहुंची । कहने को तो ये मुलाकात करीब 40 मिनट तक चली लेकिन इस दौरान सब कुछ ठीक नहीं था । पाकिस्तान से मुलाकात की इजाजत तो दे दी लेकिन दिन भर जो कुछ हुआ वो सिर्फ एक दिखावे से ज्यादा कुछ नहीं था । जाधव और उनकी पत्नी-मां के बीच एक मुलाकात में उनके बीच कांच की दीवार थी। जाधव के सामने एक फोन था। इसका स्पीकर ऑन करके बातचीत कराई गई।

इसी से कुछ दूरी पर भारतीय राजनयिक जेपी. सिंह थे। खास बात ये है कि जेपी सिंह के सामने भी एक एक कांच की दीवार थी यानी वो जाधव और उनकी पत्नी-मां के बीच हुई बातचीत को देख सकते थे लेकिन सुन नहीं सकते थे । जाधव जो बोल रहे थे, वो एक स्पीकर फोन के जरिए जो रिकॉर्ड किया जा रहा था। इस मुलाकात को पाकिस्तान ने तीन टीवी कैमरों से रिकॉर्ड किया। कुलभूषणके दोस्तों ने पाक के इस रवैये पर सवाल उठाए हैं ।

इससे पहले एयरपोर्ट पर उतरने के बाद दोनों को सख्त सुरक्षा के बीच पहले भारतीय हाई कमिशन ले जाया गया था। जहां से दोनों को विदेश मंत्रालय जाधव से मिलने ले जाया गया। इस दौरान इस्लामाबाद में भारतीय उपउच्चायुक्त जेपी सिंह भी मौजूद रहे। सोमवार को जाधव की अपनी पत्नी और मां की उनसे होने वाली मुलाकात से ठीक पहले पाकिस्तान ने दावा किया कि जाधव को भारत की ओर से राजनयिक मदद पहुंचाने की इजाजत दे दी गई है।

पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से सामने आए पाकिस्तान के इस दावे को भारत ने खारिज कर दिया। हालांकि पाकिस्तान का अब कहना है कि ये काउंसलर एक्सेस नहीं है और ये कोई अंतिम मुलाकात नहीं है । सरकार का कहना है कि उसकी कोशिशों से ही ये मुलाकात हो सकी है ।

दरअसल, जाधव से होने वाली मुलाकात के दौरान उनकी पत्नी और मां के साथ इस्लामाबाद में भारतीय उपउच्चायुक्त जेपी सिंह भी मौजूद थे। जेपी सिंह की मौजूदगी को ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने ‘राजनयिक पहुंच’ बता दिया था जिसका भारत ने विरोध किया था। पूर्व राजनयिकों का भी कहना है कि राजनयिक पहुंच के नियम कानून हैं और ये मुलाकात उसका पालन नहीं करती ।

गौरतलब है कि कुलभूषण जाधव भारतीय नौसेना के एक रिटायर्ड अफसर हैं। हालांकि पाक का दावा है कि जाधव को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था। पाक मिलिट्री कोर्ट ने उन्हें अशांति फैलाने और जासूसी करने के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है। इसके विरोध में भारत ने अंतरराष्ट्रीय न्यायायलय का दरवाजा खटखटाया था, जहां जाधव की फांसी पर आखिरी फैसले तक रोक लगा दी गई थी। पाकिस्तान लगातार जाधव को राजनयिक मदद पहुंचाने की भारत की अर्जी को भी खारिज करता आया है। कुलभूषण की फांसी का भारत ने कड़ा विरोध किया। भारत ने कहा कि अगर कुलभूषण को फांसी होती है तो यह एक सुनियोजित मर्डर है।