देश के पहले अंतर्राष्ट्रीय स्तर के दिव्यांग खेल परिसर का ग्वालियर में हुआ शिलान्यास
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ग्वालियर | देश का पहला अंतर्राष्ट्रीय स्तर का दिव्यांग खेल परिसर (दिव्यांग खेल परिसर एवं रिसोर्स सेंटर) ग्वालियर में बनने जा रहा है। केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गेहलोत ने वर्चुअल लिंक के माध्यम से तथा केन्द्रीय पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर सहित राज्य सरकार के मंत्रिगणों ने मौके पर मौजूद रहकर दिव्यांग खेल परिसर एवं रिसोर्स सेंटर का शिलान्यास किया।

इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर के दिव्यांगजन खेल परिसर एवं रिसोर्स सेंटर का निर्माण दिव्यांगों के कल्याण के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा। ग्वालियर में अटल बिहारी वाजपेयी राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान (ट्रिपल आईटीएम) के सामने लगभग 14 हैक्टेयर जमीन पर दिव्यांग खेल परिसर एवं रिसोर्स सेंटर का निर्माण हो रहा है।

इस परिसर के निर्माण के लिए भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा 170 करोड़ रूपए की राशि मंजूर की गई है। शुक्रवार को आयोजित हुए दिव्यांग खेल परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह एवं सांसद विवेक नारायण शेजवलकर भी बतौर विशेष अतिथि मौजूद थे। शिलान्यास कार्यक्रम में चयनित दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण का वितरण भी किया गया।

केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि ग्वालियर में बनने जा रहे दिव्यांग खेल परिसर में न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की दिव्यांग खेल प्रतियोगितायें होंगीं। इस संस्थान के माध्यम से ग्वालियर-चंबल अंचल के दिव्यांग युवाओं को भी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।

उन्होंने ग्वालियर में यह संस्थान स्वीकृत करने के लिये मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं केन्द्रीय मंत्री श्री थावरचंद गेहलोत के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। संभागीय संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण श्री राजीव सिंह ने बताया कि दिव्यांगजन खेल परिसर में इनडोर खेल कॉम्प्लेक्स, आउटडोर खेल, जल क्रीड़ा केन्द्र के साथ-साथ लगभग 106 दिव्यांग युवक और 106 दिव्यांग युवतियों के आवास की व्यवस्था रहेगी।

यह खेल परिसर तीन भागों में विभक्त होगा। पहले भाग में बहुउपयोगी हॉल बनेगा, जिसमें व्हीलचेयर व बैडमिंटन जैसे खेलों की अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधा होगी। दूसरे भाग में स्टेडियम सह खेल मैदान के साथ फिटनेस केन्द्र व खेल विज्ञान केन्द्र आदि बनाए जायेंगे।

तीसरे भाग में तरणताल बनेंगे, इसमें से एक ओलंपिक की तर्ज पर तथा एक अभ्यास के लिये होगा। इस परिसर में जिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेलों की सुविधा होगी, उनमें बैडमिंटन, बैठकर खेलने का बॉलीबॉल, व्हीलचेयर बास्केट बॉल, व्हीलचेयर रगबी, फुटबॉल – पाँच खिलाड़ी, बॉचिया, गोल बॉल, ताईक्वांडो, जूडो, फैंसिंग, टेबल टेनिस, पैरानृत्य खेल, पैरा पॉवर लिफ्टिंग एवं चारलेन का 200 मीटर दौड़ने का ट्रैक शामिल हैं। यह खेल परिसर राष्ट्र का प्रथम अंतर्राष्ट्रीय स्तर का दिव्यांग खेल परिसर होगा। जिसमें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के न केवल खेल आयोजन होंगे। वरन् अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी प्रशिक्षण देकर तैयार किए जायेंगे।