चौथा राष्ट्रीय मानक सम्मेलन

नई दिल्लीः वाणिज्य विभाग, भारत सरकार 1-2 मई, 2017 को नई दिल्ली में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) और राष्ट्रीय प्रमाणन निकायों का प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीसीबी) और अन्य भागीदारों के सहयोग से चौथा राष्ट्रीय मानक सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है।

दो दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक व्यापार के बदले परिदृश्य में जागरूकता लाने और “मानक” के बढ़ते महत्व पर उद्योग, केन्द्रीय सरकार के मंत्रालयों, राज्य सरकारों, नियामक/मानकों और अनुरूप मूल्यांकन निकायों को तैयार करना है।

मानक सम्मेलन टैरिफ के घटते महत्व और माल व सेवा व्यापार दोनों में मानक और नियमन के बढ़ते प्रभाव की पृष्ठभूमि में आयोजित किया जा रहा है।

इस बात को समझना बेहद जरूरी है कि विभेदक मानकों के दिन – घरेलू बाजार के लिए कम और निर्यात के लिए उच्च- खत्म हो चुके हैं और अगर ऐसी स्थित में भारतीय उद्योग को सुरक्षित और उभरना है, तो उसे वैश्विक मानकों को अपनाने की आवश्कता है। मंत्रालयों/नियामकों/राज्य सरकारों को भी यह महसूस करना होगा कि यदि उन्हें अपने उद्देश्यों में सफल होना है तो उन्हें अपनी तमाम योजनाएं वैश्विक स्तर पर निर्मित करनी होगी।

एक अच्छी मानक व्यवस्था माननीय प्रधानमंत्री के विजन “मेक इन इंडिया” अभियान को पूरा करेगी। यह हमारे घरेलू उद्योग और उपभोक्ताओं की कीमत पर घरेलू बाजार में असुरक्षित/उप मानक वाले आयात की बाढ़ को रोकने में भी मदद करेगा।

दो दिनों तक चलने वाले सम्मेलन में 9 सत्र होंगे:

उद्घाटन सत्र
सत्र 1: मानकों पर राष्ट्रीय रणनीति को लेकर थीम पेपर
सत्र 2: अंतरराष्ट्रीय व्यापार के चालकों/विघटनकारी के रूप में मानक
सत्र 3: एमएसएमई और मानक- भारतीय राष्ट्रीय मानक रणनीति के लिए अंतर विश्लेषण
सत्र 4: वस्तुओं में मानक: एक नीति के प्रारूप में मुद्दों पर संबोधन
सत्र 5: कृषि-खाद्य व्यापार और नीति विकल्पों में जोखिम का मूल्यांकन
सत्र 6: सेवा क्षेत्र: एक नीतिगत ढांचे के भीतर एक मजबूत मानक पारिस्थितिकी तंत्र और अनुरूप मूल्यांकन (पर्यटन, चिकित्सा मूल्य यात्रा, और शिक्षा)
सत्र 7: डिजिटल और आईटी मानक: भविष्य की चुनौतियों पर बैठक
सत्र 8: कौशल और कौशल आधारित सेवाओं के लिए मानक
सत्र 9: आगे का राह