आलू अत्पादको व व्यापारियों को परिवहन भाड़ा अनुदान

गोरखपुर: जनपद के आलू अत्पादको व व्यापारियों को सूचित किया जाता है। कि जनपद के सापेक्ष अन्य जनपदों में आलू के तुलानातक रूप से अधिक बाजार मूल्य के दृष्टिगत राज्य की सीमा के अन्तर्गत 300 किमी0 से अधिक दूरी के होने पर वास्तविक रूप से व्यय किये गये परिवहन भाड़े पर आलू उत्पादको एवं आलू व्यापारियों को परिवहन भाड़ा अनुदान प्रदान किया जायेगा। तथा राज्य के अन्दर व राज्य के बाहर व्यवसायिक विपणन हेतु रू0-50/प्रति कुन्तल की दर से अथवा वास्तविक रूप से किये गये परिवहन भाड़े का 25 प्रतिशत जो भी कम हो की दर से परिवहन भाड़ा अनुदान प्रदान किया जायेगा। आलू उत्पादको व आलू व्यापारियों को भारत के बाहर आलू निर्यात करने की दशा में रू0-200/प्रति कुन्तल की दर से अथवा वास्तविक रूप से किये गये परिवहन भाड़ा का 25 प्रतिशत जो भी कम हो की दर से परिवहन भाड़ा अनुदान प्रदान किया जायेगा। यदि निर्यात किया जाना वाला आलू ताज ब्रान्ड आलू होगा तो ब्राण्ड प्रमोशन अनुदान नीति के अन्तर्गत मण्डी परिषद द्वारा ऐसे आलू पर रू0-50/-प्रति कुन्तल की दर से अतिरिक्त ब्राण्ड प्रमोशन प्रदान किया जायेगा। उक्त प्रोत्साहन व्यवस्था शासनादेश निर्गत होने की तिथि से 31 दिसम्बर 2017 तक ही लागू होगी।

आलू उत्पादको द्वारा यदि उपरोक्तानुसार स्वयं आलू का परिवहन किया जाता है तो उसे ऐसे आलू को परिवहन करने के समय अपने साथ खसरा एवं खतौनी सत्य प्रतिलिपि एवं व्यवसायिक विपणन के लिए की गयी परिवहन बुकिंग के मूल्य प्रपत्र एवं सम्बन्धित कोल्डस्टोरेज से निर्गमन रसीद के साथ रखना अनिवार्य होगा।

आलू उत्पादक द्वारा उपरोक्तानुसार विपणन करने के उपरान्त अनुदान प्रदान करने के लिए उपरोक्त प्रपत्रों की मूल रूप में सम्बन्धित मण्डी समिति को प्रस्तुत करना होगा। तथा 300 किमी0 से अधिक एवं राज्य के बाहर व्यवसायिक विपणन हेतु आलू को परिवहन करने पर देय परिवहन भोड़ा अनुदान प्राप्त करने के लिए ऐसे आलू के परिवहन के समय मण्डी परिषद प्रपत्र 6आर व 9आर तथा परिवहन की बुकिंग की बिल्टी सम्बन्धित कोल्डस्टोरेज से निर्गमन रसीद मण्डी समिति को प्रस्तुत करना होगा। उपरोक्त भुगतान डिजिटल पेमेन्ट के माध्यम से किया जायेगा। उक्त जानकारी अधीक्षक राजकीय उद्यान गोरखपुर ने दी है।