उधार रूपये मांगने के विवाद पर की थी दोस्तों ने हत्या, आटो चालक की अंधी हत्या के खुला से में आरोपी ने कबूला
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जबलपुर। थाना तिलवारा में  सुवह पेट्रोल पम्प के पहले रोड के किनारे एक व्यक्ति के शव पड़े होने की सूचना पर थाना प्रभारी तिलवारा सतीष पटेल तत्काल हमराह स्टाफ को लेकर मौके पर पहुुचे, मौके पर उपस्थित पप्पू महोबिया उम्र 58 वर्ष निवासी राधास्वामी सतसंग के आगे शिवनाथ साहू के कृषि फार्म हाउस के सामने मेन रोड ने बताया कि वह गैलेक्सी गैस एजेन्सी में काम करता है आज सुवह लगभग 7 बजे कुत्ता घुमाने के लिये रोड पर आया था, कुत्ता को घुमाते समय घर के सामने रोड पर झाड़ियों की तरफ कुत्ता सूंघ कर भौंका तो रोड के किनारे जाकर देखा गड्ढे में भरे पानी मे गड्ढे के किनारे झाड़ियों के बीच एक अज्ञात पुरूष उम्र लगभग 30 वर्ष का शव पट हालत में पड़ा था चप्पल उसकी पीठ मे रखी थी शव पानी में पड़ा होने से फूल गया है  ।

सूचना पर पुलिस अधीक्षक जबलपुर सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) के निर्देश पर  नगर पुलिस अधीक्षक बरगी रवि सिंह चैहान, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शिवेश सिंह बघेल, एफसएल अधिकारी एव फोटोग्राफर मौके पर पहुंचे, घटना स्थल का एफएसएल टीम की उपस्थिति में बारीकी से निरीक्षण किया गया, मृतक के गले, माथे व कान के पीछे किसी नुकीली धारदार चीज की चोट होना पायी गयी।

अज्ञात मृतक की शिनाखत्गी के प्रयास किये गये जिस पर मृतक की शिनाख्त अरविंद झारिया उम्र 26 वर्ष निवासी आजाद नगद सूपाताल गढा के रूप मे हुई। प्रारम्भिक पूछताछ पर ज्ञात हुआ कि मृतक अरविंद झारिया आटो चलाता था,  जो दिनाॅक 23-9-2020 को सुबह घर से  अपनी मोटर सायकिल से निकला था। शव को पीएम हेतु भिजवाते हुये अज्ञात आरोपी के द्वारा हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को छिपाया जाना पाया जाने पर  अज्ञात आरोपी के विरूद्ध धारा 302, 201 भा.द.वि. के तहत कार्यवाही करते हुये प्रकरण विवेचना मे लिया गया।

पुलिस अधीक्षक जबलपुर सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) द्वारा घटित हुई घटना को गम्भीरता से लेते हुये आरोपी की शीघ्र पतासाजी कर गिरफ्तारी हेतु आदेशित किये जाने पर अति. पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शिवेश सिंह बघेल एवं  नगर पुलिस अधीक्षक बरगी रवि सिंह चैहान द्वारा  थाना प्रभारी  तिलवारा सतीष पटेल के नेतृत्व मे  टीम गठित कर लगायी गयी।

प्रकरण की विवेचना के दौरान लगातार संदेहियो से पूछताछ की गई, पतासाजी पर ज्ञात हुआ कि मृतक आखिरी बार पवन पटेल के साथ देखा गया था। पवन की तलाश की गयी जो घर पर नहीं मिला, पवन के भाई बादल को अभिरक्षा में लेकर सघन पूछताछ की गयी, तो अपने भाई पवन पटेल एवं दोस्त देवीदीन वंशकार के साथ मिलकर अरविंद झारिया पर चाकू से हमला कर गड्ढें के पानी मे ढकेल देना स्वीकार करते हुये बताया। भाई पवन पटेल एवं देवीदीन वंशकार को सरगर्मी से तलाश कर अभिरक्षा में लिया गया।

पूछताछ पर पाया गया कि अरविंद झारिया को रूपयो की आवश्यकता थी, अरविंद झारिया ने अपने दोस्त पवन  पटेल से से 4 हजार रूपये उधार मांगे, तो , पवन पटेल ने अपने छोटे भाई बादल के दोस्त देवीदीन वंशकार से मोटर सायकिल गिरवी रखकर रूपये दिलवाने का वादा किया था।

रात लगभग 10 बजे पवन पटेल ने अरविंद झारिया को फोन कर अपने घर बडा पत्थर बुलवाया, जहाॅ घर पर छोटा भाई बादल पटेल था कुछ ही देर बाद देवी दीन वंशकार भी पहुंच गया, सभी लोगों ने एक साथ शराब पी एवं खाना खाया, शराब पीने व खाना खाते समय अरविंद झारिया ने पवन से आज ही रूपये देने के लिये कहा तो पवन एवं देवीदीन ने 3 दिन बाद रूपये देने की बात कही जिस पर अरविंद एवं  पवन पटेल के बीच वाद विवाद हो गया, खाना कम पड़ जाने पर चारों देवीदीन वंशकार की मोटर सायकिल लिवेा शाईन क्रमाक एमपी 20 एम.पी.6784 से तिलवारा जा रहे थे, जाते समय रास्ते में पवन एवं अरविंद झारिया का पुनः विवाद हो गया, तो पवन ने देवीदीन से मोटर सायकिल रोकने का कहा, तो देवीदीन ने मोटर सायकिल रोक दी, चारों मोटर सायकिल से उतरे तो देवीदीन व बादल ने अरविंद झारिया को पकड लिया तथा पवन ने अपने पास रखे चाकू से अरविंद के गले, माथे, कान के पीछे वार कर प्राणघातक चोटें पहुंचा दी, जिससे अरविंद झारिया अचेत हो गया तो अरविंद झारिया का पर्स एवं मोबाईल जेब से निकाल लिये ताकि कोई पहचान न सके तथा वही पास में झाडियो के बीच गड्ढे के पानी में तीनों ने अरविंद झारिया को ढकेल दिया और भाग कर घर पहुंच गये । आरोपियेां की निशादेही पर घटना में प्रयुक्त मोटर सायकिल लिवो साईन, चाकू, घटना के वक्त पहने हुये खून लगे कपडे, मृतक का पर्स, मोबाईल एवं मोटर सायकिल जप्त किया गया है।

उल्लेखनीय भूमिका– 

अंधी हत्या का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी तिलवारा सतीश पटेल, सहायक उप निरीक्षक लेखराम नांदोनिया, विनोद द्विवेदी, उत्तम यादव, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा, दयाशंकर सेन, आरक्षक हरीश, हरिसिंह, धर्मेद्र, युवराज, जय कुमार तथा सायबर सेल की सराहनीय भूमिका रही।