सरकार बुनकरों की स्थिति को लेकर संवेदनशील है: स्मृति ईरानी

कपडा मंत्री स्मृति ईरानी ने कल लोकसभा में कहा कि सरकार बुनकरों की स्थिति के बारे में काफी संवेदनशील है। पहली बार उनकी शिक्षा के लिए सरकारी स्तर पर पहल की गयी है। उन्होंने कहा कि कपडा उद्योग को तकनीकी स्तर पर सहयोग देने की योजना शुरू की गयी है। इसके अलावा बुनकर सब्सिडी की कीमत के धागे के लिये सरकार द्वारा शुरु किये गये मोबाईल एप पर ऑर्डर दे सकते हैं और सामान को सीधा उनके घर तक पहुंचा दिया जाता है।

कपड़ा क्षेत्र पर जीएसटी के प्रभाव से जुड़े एस पी एम गौडा के सवाल का जवाब देते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि संपूर्ण कपड़ा क्षेत्र ने न सिर्फ जीएसटी का स्वागत किया है, बल्कि श्रम सुधार जैसे सरकार के कदम भी एकमुश्त स्वागत किया है जिसके जरिए इस क्षेत्र में स्थानीय एवं अंतरराष्ट्रीय निवेश बढ़ाना सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा है कि इस सरकार में कपड़ा उद्योग के क्षेत्र में सबसे अधिक एफडीआई आई है। स्मृति ने कहा कि कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 6000 करोड़ रूपये की राशि दी गई है।

स्मृति ईरानी ने कहा कि कपडा उद्योग को तकनीकी स्तर पर सहयोग देने की योजना शुरू की गयी है।

केंद्रीय मंत्री ने हैंडलूम और पावरलूम उद्योग को पेश आ रही समस्याओं के संदर्भ में पूछे गए सवालों के जवाब में कहा कि सरकार ने इस संदर्भ में कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई थी कि हैंडलूम सेक्टर में काम कर रहे लोगों के एक सिर्फ एक फीसदी बच्चे उच्च शिक्षा हासिल कर पाते हैं। ऐसे में सरकार ने उनकी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय के जरिये पठन पाठन सुगम बनाने सहित कई कदम उठाए हैं।