सरकार ने फेसबुक से स्पष्टीकरण मांगा

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कैंब्रिज एनालिटिका एपिसोड के बाद फेसबुक ने सरकार को आश्वासन दिया था कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर यूजर्स की प्राइवेसी को सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव कदम उठाएगा. केंद्र सरकार ने यूजर की स्पष्ट सहमति के बिना डेटा साझा करने से जुड़ी रिपोर्ट्स को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook से जवाब मांगा है.

हाल में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि Facebook ने ऐसे एग्रीमेंट कर रखे हैं, जो कि फोन और दूसरे डिवाइस मैन्युफैक्चर्स को उसके यूजर्स की पर्सनल इंफॉर्मेशन तक पहुंच बनाने की इजाजत देते हैं. रिपोर्ट्स में कहा गया था कि स्पष्ट सहमति के बिना यूजर्स और उनके दोस्तों की भी पर्सनल इंफॉर्मेशन का साझा किया जा रहा है. केंद्र सरकार ने इस तरह के उल्लंघन से जुड़ी रिपोर्ट्स को लेकर गंभीर चिंता जताई है.

केंद्र सरकार ने कैंब्रिज एनालिटिका एपिसोड के बाद Facebook को पर्सनल डेटा में सेंधमारी को लेकर नोटिस भेजे थे. इन नोटिस के बाद फेसबुक ने माफी मांगी थी और केंद्र सरकार को आश्वासन दिया था कि वह अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूजर्स की प्राइवेसी को सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव कदम उठाएगा. हालांकि, हालिया रिपोर्ट्स सामने आने के बाद मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से फेसबुक से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

हाल ही में एक रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ था कि फेसबुक ने एप्पल, सैमसंग और माइक्रोसॉफ्ट समेत 60 कंपनियों को यूजर्स के डेटा मुहैया कराए. इस मामले में शुरुआत में फेसबुक ने यूजर्स के डेटा साझा करने की बात से इनकार किया था. हालांकि, बाद में फेसबुक ने स्वीकार किया कि उसने चार चाइनीज कंपनियों को अपने यूजर्स के डेटा उपलब्ध कराए थे.