बीजेपी शासित राज्यों की सरकारें खुद को पेश करने में लगी हैं किसान की हितैषी

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भोपाल@ कृषि बिल के विरोध में एक तरफ जहां दिल्ली में किसानों का प्रदर्शन पिछले 21 दिनों से जारी है. वहीं, बीजेपी शासित राज्यों की सरकारें खुद को किसान की हितैषी पेश करने में लगी हैं. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के भेल मैदान में आयोजित किसान संम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इस कानून से किसानों की जिंदगी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा. ये बिल किसानों के हित में है.

बता दें कि किसान सम्मेलन में भाग लेने से पहले शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए थे. सीएम ने इस दौरान मंत्रियों से कहा है कि वह फील्ड में मौजूद रहें और इसके साथ ही किसानों के बीच चौपाल भी लगाएं और कृषि कानूनों के बारे में उन्होंने बताएं. सीएम ने कहा कि किसानों को यह भी बताएं कि हमने अपने शासन काल के दौरान उनके लिए क्या-क्या किया है.

कैबिनेट मीटिंग के दौरान सीएम शिवराज ने एक बड़ी घोषणा की है कि 18 दिसंबर को हम किसानों के खाते में 1600 करोड़ रुपये डालेंगे. यह कुल राहत राशि का एक हिस्सा है. यह इसी साल हुई सोयाबीन आदि फसलों के नुकसान का पैसा है, जो किसानों को भेजा जा रहा है. सीएम ने किसानों से कहा है कि एक किश्त अभी देंगे और बाद में दूसरी किश्त भी देंगे, तब तक फसल बीमा योजना की राशि भी आ जाएगी.

कैबिनेट की मीटिंग के बाद सीएम शिवराज किसान सम्मेलन में पहुंचे थे. वहां उन्होंने कहा कि किसानों के प्रीमियम का 2200 करोड़ रुपया न जमा करने वाले कमलनाथ मुझे किसान विरोधी कह रहे हैं. हम जीरो पर्सेंट पर किसानों को कर्जा देते थे, आपने उसे भी बंद कर दिया था. 18 फीसदी ब्याज पर किसानों को कर्जा देने वाले कमलनाथ जी हमें किसान विरोधी बता रहे हैं.

उन्होंने पूछा है कि राहुल गांधी तब कहां थे, जब कमलनाथ कर्जमाफी के झूठे प्रमाणपत्र बांट दिए. राहुल जी आप तब कहां थे, जब कमलनाथ जी अपने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए किसानों की सूची ही नहीं भेजी. इससे लाखों किसान लाभ लेने से वंचित रह गए.

किसान सम्मेलन में सीएम शिवराज ने कहा कि किसान हमारे भगवान हैं. अपनी जनता के हम पुजारी हैं. इनकी सेवा हमारे लिए भगवान की पूजा है. बदमाशी करने वालों, बाहुबल के आधार पर प्रदेश को लूटने वाले माफियाओं को समाप्त करने का अभियान जारी है. युवाओं को रोजगार मिले इसके लिए हम हमेशा प्रयासरत हैं.