सांसद रीता बहुगुणा जोशी की पोती की मौत, पटाखों से बुरी तरह झुलस गई थी मासूम

इस ख़बर को शेयर करें:

प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी की छह साल की पोती की पटाखों से झुलसने के बाद अस्पताल में मौत हो गई है. वह सोमवार को बच्चों के साथ पटाखे छुड़ाते समय करीब 80 फीसदी झुलस गई थी. उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है. उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां से एयर एंबुलेंस से आर्मी अस्पताल दिल्ली ले जाने की तैयारी थी लेकिन इससे पहले ही उसकी मौत हो गई. हादसे के बाद सांसद ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इलाज के लिए मदद मांगी थी.

सांसद डॉ. रीता जोशी अपने पति पीसी जोशी के साथ दीपावली पर प्रयागराज आवास पर आई थीं. बहू रिचा बेटी किया को लेकर पोनप्पा मार्ग स्थित अपने मायके गईं थीं. सांसद के मीडिया प्रभारी अभिषेक शुक्ल ने बताया कि बच्चे घर की छत पर खेल रहे थे. इस दौरान पटाखा फटने से किया जोशी बुरी तरह झुलस गई. उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके 80 फीसदी तक जलने की जानकारी दी. बता दें कि सांसद के इकलौते बेटे मयंक लखनऊ में थे. मयंक की शादी 2007 में हुई थी. किया उनकी इकलौती बेटी थी.

छह साल की मासूम पर एक के बाद दूसरी मुसीबत टूट पड़ी थी. सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी, बहू रिचा के साथ पोती किया 9 सितंबर को कोरोना पॉजीटिव पाई गई थीं. तीनों को पीजीआई लखनऊ से मेदांता दिल्ली शिफ्ट किया गया था. जहां सांसद के पति पीसी जोशी पहले से एडमिट थे. तबीयत बिगड़ने पर सांसद को आईसीयू में एडमिट कराना पड़ा था. 15 सितंबर को वह आईसीयू से बाहर आई थीं और अस्पताल में ही अपने पति का जन्मदिन मनाया था.

गत 21 सितंबर को उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया था. उसके बाद दिल्ली आवास में क्वारंटीन रहीं. ठीक होने के बाद प्रयागराज दीपावली मनाने आईं थी कि इतना बड़ा हादसा हो गया. रीता बहुगुणा जोशी के पीआरओ ने बताया कि किया की हालत यहीं से ज्यादा खराब थी. इसके बाद उसे एयर एंबुलेंस से दिल्ली के आर्मी अस्पताल ले जाने की तैयारी चल रही थी लेकिन शिफ्ट करने से पहले ही उसकी मौत हो गई.