जीएसटी लागू होने पर ऑनलाइन और ऑफलाइन ट्रेड के बीच बराबर का हो सकता है मुकाबला

आसुस, इनफोकस, शाओमी, मोटोरोला, जेडटीई और हुआवे जैसे स्मार्टफोन ब्रैंड्स जीएसटी के चलते फिजिकल स्टोर्स के जरिये बिजनस फैलाने की तैयारी कर रहे हैं। जीएसटी लागू होने पर स्मार्टफोन की कीमत ऑफलाइन और ऑनलाइन चैनलों में कमोबेश एक जैसी हो जाएगी।

इन ब्रैंड्स ने डायरेक्ट डिस्ट्रीब्यूशन, बिग फॉर्मेट रिटेल के साथ पार्टनरशिप, ऑफलाइन के लिए अलग मॉडल, अपने स्टोर्स खोलने, मार्केटिंग खर्च बढ़ाने जैसी रणनीति बनाई है। यह जानकारी इंडस्ट्री के तीन सीनियर एग्जिक्यूटिव्स ने दी है। सरकार की योजना जीएसटी को 1 जुलाई से लागू करने की है।

सेलफोन रिटेल चेन हॉटस्पॉट के डायरेक्टर शुभाशीष मोहंती ने बताया, ‘ऑनलाइन स्मार्टफोन ब्रैंड्स के बीच ऑफलाइन रिटेल में एक्सपैंशन की दिलचस्पी देखी जा रही है। शाओमी और हुआवे जैसे ब्रैंड्स ने इस पर काम तेज कर दिया है जबकि दूसरे ब्रैंड्स ऐसा करने की योजना बना रहे हैं। ऑनलाइन सेलर्स को अभी वैट अडवांटेज मिलता है जो जीएसटी लागू होने पर खत्म हो जाएगा। ऐसा होने पर ऑनलाइन और ऑफलाइन ट्रेड के बीच मुकाबला बराबर का हो सकता है।’

अभी ऑनलाइन सेलर्स बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे मार्केट्स से ऑपरेट करते हैं जहां स्मार्टफोन पर 5 पर्सेंट वैट लगता है। दूसरे मार्केट्स में वैट काफी ज्यादा है और राष्ट्रीय औसत 10-12 प्रतिशत है। इसलिए ऑनलाइन कंपनियां स्मार्टफोन को ऑफलाइन स्टोर्स के मुकाबले कम दाम पर बेच पाती हैं। जीएसटी लागू होने के बाद हर जगह टैक्स एक जैसा हो जाएगा।

शाओमी अपने ऑनलाइन मॉडल को ऑफलाइन में लागू करने की कोशिश कर रहा है। इस मॉडल में डिस्ट्रीब्यूटर्स सीधे रिटेल स्टोर्स को प्रॉडक्ट्स बेचेंगे। बिचौलिए नहीं होने से कंपनी सभी प्लैटफॉर्म पर प्रॉडक्ट्स की कीमत एकसमान रख पाएगी। उसने दक्षिण भारत की चार बड़ी रिटेल चेन-संगीता, पूर्विका, बिगसी और लॉट से करार किया है। वह दूसरी रिटेल चेन से भी बात कर रही है। शाओमी एमआई होम स्टोर्स भी खोलना चाहता है। अभी कंपनी ने ऐसे स्टोर्स सिर्फ होम मार्केट यानी चीन में ही खोले हैं।

आसुस इंडिया के मैनेजर पीटर चैंग ने बताया कि उनकी कंपनी मेट्रो से लेकर टियर 2 शहरों के ऑफलाइन मार्केट पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा, ‘जीएसटी से टैक्स में बराबरी आएगी और एक से दूसरे राज्य सामान ले जाना आसान हो जाएगा। इससे सेलर्स को हर जगह एक कीमत रखने में मदद मिल सकती है।’

इनफोकस भी ऑफलाइन बिजनस शुरू करने की तैयारी कर रहा है। फॉक्सकॉन के मालिकाना हक वाले इस ब्रैंड ने ऑफलाइन ट्रेड में मोटे निवेश की योजना बनाई है। वह ओपो और विवो जैसी चाइनीज कंपनियों का मॉडल अपनाना चाहती है। जेडटीई भी रिटेल सेगमेंट में मौजूदगी बढ़ाना चाहती है। उसने छोटे शहरों में भी पहुंच बढ़ाने की तैयारी की है।