जीएसटी काउंसिल में नौ नियमों को मंजूरी

जीएसटी काउंसिल की 13 वीं बैठक में 5 नियमों को मिली मंजूरी , ये नियम अब उद्योग जगत के सुझाव के लिए किए जाएंगे सार्वजनिक, 18 और 19 मई की अगली बैठक में टैक्स दरों पर होगी बात, बैठक के बाद राजस्व सचिव ने डीडी न्यूज के खास कार्यक्रम में कहा, कृषि क्षेत्र पर अतिरिक्त कर की खबरें गलत जीएसटी से जुडे चारों बिलों के लोकसभा से पास होने के बाद अब केंद्र सरकार एक जुलाई से इसे पूरे देश में लागू कराने की तैयारी कर रही है ।

इसके लिए सरकार जीएसटी से जुडे सारे नियम कानूनों को फाइनल करने में लगी है । केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में शुक्रवार को जीएसटी काउंसिल की 13वीं बैठक हुई । बैठक के एजेंडे में इनपुट टैक्स क्रेडिट रुल , वैल्युएशन रुल ट्रांजिशन प्रोविजनल और कंपोजीशन के लिए जीएसटी नियमों के मसौदे को मंजूरी देना प्रमुखता से शामिल था।

कुछ बदलाव के साथ जीएसटी काउंसिल ने चारों नियमों को मंजूरी दी। अब इस फाइनल ड्राफ्ट को लोगों के सामने रखा जाएगा ताकि उद्योग जगत के सुझाव लिए जा सकें । उन सुझावों के आधार पर अगली बैठक में इसको अंतिम तौर पर मंजूरी मिलेगी। इसके अलावा जीएसटी काउंसिल ने रजिस्ट्रेशन, रिटर्न, पेमेंट , रिफंड और इनवायस डेबिट क्रेडिट से जुडे नियमों को भी मंजूरी दे दी।

अब 18 और 19 मई को परिषद की 14 वीं बैठक श्रीनगर में होगी। अगली बैठक में अहम एजेंडा सेवाओं और वस्तुओं की दरें तय करना होगा। लोगों की सबसे अधिक नजरें इसी बात पर हैं कि कई हजार वस्तुओं और सेवाओं पर क्या दर तय होती है क्योंकि इनका असर कंपनियों पर ही नहीं आम आदमी पर भी होना है। हालांकि सरकार का कहना है कि इससे आम आदमी को परेशान होने की जरुरत नहीं है।

सरकार ने ये भी साफ किया है कि कृषि क्षेत्र पर कोई अतिरिक्त कर नहीं लगेगा। गौरतलब है कि जीएसटी को आजादी के बाद का देश का सबसे बडा आर्थिक सुधार माना जा रहा है और इससे एक देश एक कर की व्यवस्था लागू होगी।

जीएसटी लागू होने के बाद दर्जन भर से ज्यादा टैक्स खत्म हो जाएंगे और उऩकी जगह सिर्फ जीएसटी लेगा। इससे न केवल काराबोरियों को बल्कि जनता को भारी फायदा होगा।