जीएसटी काउंसिल ने छोटे व्यापारियों और निर्यातकों को दी बड़ी राहत

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दो दिन पहले कंपनी सचिवों के एक कार्यक्रम में पीएम ने देश के कारोबारियों से जो वादा किया था उसे सरकार ने 48 घंटे के अंदर पूरा कर दिया है। जीएसटी को गुड एंड सिंपल टैक्स बनाते हुए जीएसटी काउंसिल ने छोटे व्यापारियों और निर्यातकों के लिए बड़ी राहत का एलान किया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में देश के तमाम राज्यों के वित्त मंत्रियों ने आम सहमति से ये फ़ैसला लिया।

जी एस टी नियमों में बड़ी राहत की घोषणा, निर्यातकों को जल्द मिलेगा रिफंड, 1.5 करोड़ तक के टर्नओवर पर अब मासिक की जगह त्रैमासिक रिटर्न की सुविधा, 1 करोड़ तक के टर्नऔवर पर फ्लेट रेट से दिया जा सकता है टैक्स, प्रधानमंत्री ने कहा छोटे और मझोले व्यापारियों को मिलेगी बड़ी राहत

जीएसटी से परेशान छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। 1.5 करोड़ से नीचे टर्नओवर वाले व्यापारियों को तीन महीने में जीएसटी रिटर्न भरना होगा। 75 लाख सालाना टर्नओवर तक के व्यापारियों को अभी कंपोज़ीशन स्कीम के तहत एक निश्चित टैक्स देकर रिटर्न दाखिल करने से छूट मिलती है, यह लिमिट एक करोड़ तक बढ़ाई गई है।

दो दिन पहले कंपनी सचिवों के एक कार्यक्रम में पीएम ने देश के कारोबारियों से जो वादा किया था उसे सरकार ने 48 घंटे के अंदर पूरा कर दिया है। जीएसटी को गुड एंड सिंपल टैक्स बनाते हुए जीएसटी काउंसिल ने छोटे व्यापारियों और निर्यातकों के लिए बडी राहत का एलान किया है । वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में देश के तमाम राज्यों के वित्त मंत्रियों ने आम सहमति से ये फैसला लिया ।

जीएसटी काउंसिल में लिए गए फैसलों की बात करें तो डेढ़ करोड़ तक के टर्न ओवर वाले व्यापारियों को अब मासिक की जगह त्रैमासिक यानी तीन महीने में रिटर्न दाखिल करने की सुविधा दी गयी है । पहले वैट व्यवस्था के तहत तीन महीने रिटर्न दाखिल करने का प्रावधान था, लेकिन जीएसटी के तहत छोटे और बड़े सभी करदाताओं को हर महीने रिटर्न दाखिल करना पड़ता है, ।

इसके चलते छोटे व्यापारियों को काफी परेशानी हो रही थी । दरअसल ऐसे व्यापारियों से सरकार को सिर्फ 5 फीसदी के राजस्व की आमदनी हो रही थी । इसके अलावा कंपोजीशन स्कीम के तहत 75 लाख तक के टर्न ओवर की सीमा को बढ़ाकर एक करोड़ कर दिया गया है । ऐसे कारोबारी तीन महीने पर कुल बिक्री का एक प्रतिशत कर जमा कर रिटर्न दाखिल करेंगे ।

कंपोजीशन डीलरों को दूसरे राज्यों में माल बेचने का अधिकार और इनपुट सब्सिडी का लाभ देने के लिए 5 सदस्यीय मंत्री समूह के गठन का निर्णय लिया गया है । साथ ही रिवर्स चार्ज की व्यवस्था को अगले साल 31 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है । इसके तहत पहले रजिस्टर्ड करदाताओं को नॉन रजिस्टर्ड आपूर्तिकर्ता से माल खरीदने पर कर भुगतान करना पड़ता था ।

दरअसल जीएसटी लागू होने के बाद से कारोबारियों को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड रहा था । हाल के दिनों में जीएसटी को लेकर व्यापारियो ने कुछ दिक्कतों का मामला सामने रखा था जिसके बाद सररकार ने इसे दूर करने का फैसला लिया था । ऐसे में इन फैसलों से अब छोटे कारोबारियों को काफी राहत मिलेगी ।