लापरवाह अधिकारियों पर अब गिरेगी गाज, मण्डलायुक्त ने दिए जिलाधिकारी को निर्देश

बिजनौर@ मण्डलायुक्त ने निर्देश दिये कि जिन विभागों की कार्य प्रगति खराब है और जो अधिकारी अपने कार्य में शिथिलता बरतना नहीं छोड़ रहे हैं, उनकी सूची तैयार करें ताकि उसे शासन को प्रेषित किया जा सके। उन्होने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने अधीनस्थ अधिकारियों एंव कर्मचारियों का कार्य विभाजन करते हुए उनका दायिवत्व निर्धारण करें और समीक्षा में जिस स्तर पर भी कार्य की गुणवत्ता में कमी होना प्रकाश आए तत्काल संबंधित को चार्जशीट देकर उसके विरूद्व कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।

उन्होने स्पष्ट करते हुए कहा कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही और शिथिलता बर्दाशत नहीं की जाएगी। उन्होनें स्वास्थ्य विभाग द्वारा अंधता निवारण कार्यक्रम, टीकाकरण आदि में कार्य प्रगति मानक से बहुत कम पाए जाने पर निर्देश दिये कि संबंधित नोडल अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही अमल में लायी जाए। मण्डायुक्त श्री लू आज पूर्वान्ह 11 बजे विकास भवन के सभागार में आयोजित विकास कार्याे की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दे रहे थे।

उन्होने कहा कि बार-बार आदेशित किये जाने के बावजूद कुछ अधिकारियों द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में घोर शिथिलता बरती जा रही है, जिसका स्पष्ट मतलब है कि वे अपने व्यवहार एवं कार्यशैली में परिवर्तन लाने के लिए गंभीर नहीं हैं।  उन्होने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि कार्य में रूचि न लेने तथा अपने कर्तव्यों का निर्वहन गुणवत्ता पूर्वक न करने वाले विभागों एवं अधिकारियों का चिन्हिकरण कर उनकी सूची तैयार करें ताकि उनके विरूद्व शासन को अवगत कराया जा सके।

उन्होंने शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी अधिकारी विभागीय शिकायतों का निस्तारण 15 दिन के भीतर पूर्ण गुणवत्ता के आधार पर शतप्रतिशत रूप से करना सुनिश्चित करें और कृत कार्यवाही से शिकायतकर्ता को भी सूचित करें ताकि शिकायत की पुनरावृत्ति न हो सके। उन्होने चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण एवं कार्य की प्रगति की सूचना केवल कागजी न हो बल्कि व्यवहारिक और धरातल होनी चाहिए, झूटी रिपोर्टिंग किया जाना अपराधिक कृत्य है। अतः कोई भी अधिकारी झूटी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का प्रयास न करे।

उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि तहसील दिवस एवं थाना समाधान दिवस पर उप जिलाधिकारी एंव क्षेत्राधिकारी पुलिस समय सारिणी बना कर संयुक्त रूप से उपस्थित रह कर प्राप्त होने वाली शिकायतों को गुणवत्तापूर्वक निस्तारण के लिए कार्यवाही करें और जमीनी विवाद के मामले में राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम बना कर तत्काल मौके का मुआयना करायें और अभिलेखेां के आधार पर पूर्ण न्याय और निष्पक्षता के साथ वाद का निस्तारण कराना सुनिश्चित करें।

उन्होने कहा कि न्याय और निष्पक्षता के साथ की जाने वाली इस प्रकार कार्यवाही से जन सामान्य को त्वरित न्याय प्राप्त होगा, जिससे जन शिकायतों की आमद में भी निश्चित रूप से कमी आएगी। उन्हेांने एफआईआर कराते समय अधिकांशतः बहुत से लोगों के नाम लिखवाए जाते हैं, जबकि सब लोग दोषी नहीं होते।

उन्होने सभी क्षेत्राधिकारी पुलिस को निर्देश दिये कि एफआईआर में अनावश्यक रूप से शामिल किये गये लोगों की जांच करा कर निर्दाेषों के नाम हटाए जाऐं और दोषी को ही जेल भेजा जाए। करकरेत्तर में स्टाम्प एंव आबकारी विभाग की प्रगति मानक से बहुत कम पाए जाने पर उन्होने कड़े निर्देश दिये कि माह के अंत तक यदि उक्त विभागों की कार्य प्रगति में अपेक्षित वृद्वि दर्ज नहीं की जाती है, तो उनके खिलाफ शासन कों लिखें।