आईएस से संबंध रखने के 10 दोषियों की सजा को लेकर हो रही सुनवाई 30 सितंबर तक टली

नई दिल्ली। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को आईएस से संबंध रखने के मामले में दोषी करार दिए गए 10 आरोपियों को सजा की अवधि के मामले पर सुनवाई टाल दी है। कोर्ट इन आरोपियों को देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए युवाओं को रिक्रूट करने के मामले में दोषी करार दे चुका है। स्पेशल जज प्रवीण सिंह ने सजा की अवधि के मामले पर 30 सितंबर को सुनवाई करने का आदेश दिया।

कोर्ट ने पिछले 11 सितंबर को जिन आरोपियों को दोषी करार दिया उनमें नफीस खान, अबू अनस, नजमुल होदा, अफजल, सुहैल अहमद, ओबैदुल्लाह खान, मोहम्मद अलीम, मुफ्ती अब्दुल, समी काजमी और अमजद खान शामिल हैं। कोर्ट ने इन आरोपियों को यूएपीए की धारा 18 के तहत दोषी पाया है। इन सभी आरोपियों ने अपने आरोप कबूल कर लिए थे। इन आरोपियों की ओर से वकील कौसर खान ने कोर्ट ने कम से कम सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि आरोपी बिना किसी दबाव के आरोप कबूल कर रहे हैं।

कौसर खान ने कहा कि आरोपियों को अपनी गलती का एहसास है और वे ग्लानि महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी आगे से ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे। इन आरोपियों का जेल में व्यवहार संतोषप्रद रहा है। जेल प्रशासन ने उनके खिलाफ कुछ भी विरोधी टिप्पणी नहीं की है।

इन दोषियों के खिलाफ एनआईए ने 9 दिसंबर 2015 को भारतीय दंड संहिता और यूएपीए के तहत केस दर्ज किया था। एनआईए के मुताबिक इन आरोपियों ने आपराधिक साजिश रचते हुए भारत में आईएस का पांव जमाने की कोशिश की थी। इस मामले में एनआईए ने 16 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था। 16 आरोपियो में से छह आरोपियों को कोर्ट ने पिछले 6 अगस्त को दोषी ठहराया था।