हिमाचल प्रदेश में भारी हिमपात से जनजीवन अस्त-व्यस्त, पारा शून्य से 5.6 डिग्री नीचे

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शिमला। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में भारी हिमपात से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बीते तीन दिनों से जिले में रुक-रुककर हिमपात हो रहा है। समूची लाहौल घाटी कड़ाके की ठंड की चपेट में है। लाहौल-स्पीति के मुख्यालय केलंग में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.6 डिग्री नीचे चला गया है। केलंग में 30 सेंटीमीटर और गोंदला में 20 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई है।

बर्फबारी के कारण केलंग में यातायात ठप है। मनाली-लेह सड़क पर भी वाहनों की आवाजाही बाधित है। भारी हिमपात से विश्व विख्यात रोहतांग दर्रा बंद हो गया है। रोहतांग और अटल टनल से होकर जाने वाले सैंकड़ों वाहन और पर्यटक बर्फबारी में फंस गए हैं। अटल टनल के दोनों छोर पर बर्फ की मोटी परत जम गई है।

लाहौल स्पीति व आसपास के क्षेत्रों में सीजन का यह पहला भारी हिमपात है। इसके अलावा किन्नौर,चम्बा और मनाली की ऊंची चोटियों पर भी हल्का हिमपात हुआ है। वहीं राजधानी शिमला व आसपास के इलाकों में बादलों के बीच धूप खिली रही।

मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने मंगलवार को बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हुआ है। राज्य के उच्च पर्वतीय भागों में आगामी नौ नवम्बर तक राज्य भर में मौसम शुष्क बना रहेगा। उन्होंने कहा कि ताज़ा हिमपात के बाद लाहौल-स्पीति के केलंग में पारा शून्य से नीचे चला गया है।

केलंग में न्यूनतम तापमान -5.6, कल्पा में 1.1, मनाली में 2.3, सियोबाग में 5.2, सोलन में 7, चम्बा में 7.8, कुफरी व पालमपुर में 8.5, ऊना में 9.8, शिमला में 10, मंडी में 10.1, कांगड़ा व हमीरपुर में 10.2, बिलासपुर में 10.5, धर्मशाला में 10.6 और डलहौजी में 10.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।