संगीत समारोह में हेमा मालिनी की मनमोहक प्रस्तुति ने बांधा समां

सतना@ जिले के मैहर में फ़िल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी ने उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत समारोह में अपने नृत्य की प्रस्तुति दी। इस दौरान बड़ी संख्या में कलाप्रेमी मौजूद थे।

जिले में मैहर में ख्यातिलब्ध तीन दिवसीय अलाउद्दीन खां संगीत समारोह का समापन शनिवार को प्रसिद्ध सिनेस्टार और कथक नृत्यांगना हेमामालिनी मुम्बई की नृत्यनाटिका महालक्ष्मी की प्रस्तुति के साथ हुआ। संगीत समारोह में हेमामालिनी और उनकी नृत्य नाटिका को देखने मैहर ही नही दूर-दूर शहरो और गॉवो के हजारो लोग मैहर स्टेडियम में उमड़ पड़े। संगीत समारोह की समापन संध्या का शुभारंभ बाबा द्वारा रचित मैहर के प्रसिद्ध वाद्यवृन्द से किया गया।

समारोह में मैहर बैण्ड की शास्त्रीय संगीत वादन की प्रस्तुति के पश्चात हेमामालिनी और उनके ग्रुप द्वारा अद्भुत सौन्दर्य और नृत्यकला में लाईट और साउण्ड के तालमेल से कलाकारो की प्रस्तुतियो ने दर्शको को एक टक मंच की ओर देखने पर विवश किया। हेमामालिनी द्वारा प्रस्तुत नृत्यनाटिका महालक्ष्मी में देव और असुरो द्वारा समुद्रमंथन किया जाता है। मंथन के फलस्वरूप अमृत विष कामधेनु और महालक्ष्मी का भी अवतरण होता है। समुद्र मंथन से निकला हलाहल विष देवाधिदेव शंकर पान करते है और महालक्ष्मी सभी देवताओ में सर्वश्रेष्ठ विष्णु को वरण करती है। नृत्यनाटिका में विष्णु विवाह के पश्चात क्षीरसागर में शयन के समय महर्षि भृगु नारायण से मिलने आते है अपेक्षित सम्मान नही पाकर महर्षि भृगु विष्णु के वक्षस्थल पर चरणो से प्रहार करते है। भगवान विष्णु उन्हे सादर सत्कार कर मनाते है। इस वाकये को देखकर महालक्ष्मी विष्णु से नाराज होकर विष्णुलोक छोड़कर बैकुण्ठ चली जाती है। महालक्ष्मी के देवलोक छोड़ने से विष्णु सहित देवतागण दुखी होते है और महालक्ष्मी को मनाते है। महालक्ष्मी तीनो लोको में निवास करने की शर्त पर पुनः विष्णु लोक लौट आती है और देवी देवता मंगलगान करते है। समारोह में आकर्षक साजसज्जा और एल.ई.डी. स्क्रीन पर बैकग्राउण्ड के अदभुत संयोजन से प्रस्तुत इस कथा की नृत्यनाटिका ने दर्शको को भाव विभोर कर बांधे रखा। दर्शको की एकाग्रता का यह हाल रहा कि दो भाग में प्रस्तुत नृत्य नाटिका के बीच के पॉच मिनट के मध्यांतर को भी दर्शक सहन नही कर पाये।

समारोह के अंत में हेमामालिनी ने कहा कि मैहर आना उनके लिये सौभाग्य से कम नही है। यहां मॉ सरस्वती साक्षात शारदा मंदिर में विराजी है और महान शास्त्रीय संगीत के कलाकार उस्ताद अलाउद्दीन खां साहब की कर्मभूमि है। उनकी स्मृति में इस मंच से प्रस्तुति देने का सुअवसर उन्हे प्राप्त हुआ है। हेमामालिनी ने महालक्ष्मी के रूप में मैहरवासियो को आशीर्वाद भी दिया। इस मौके पर सांसद गणेश सिंह, विधायक नारायण त्रिपाठी, कलेक्टर नरेश पाल, पुलिस अधीक्षक मिथलेश शुक्ला, आई.जी.रीवा आशुतोष राय, एस.डी.एम. तन्वी हुड्डा ने समारोह के मंच पर जाकर हेमामालिनी और ग्रुप के सदस्यो को पुष्प गुच्छ भेंटकर सम्मानित किया।