गं गा यमुनाका जल स्तर खतरे के निशान के ऊपर हाई अलर्ट जारी

प्रयागराज: प्रयागराज तेजी से बढ़ रहा गंगा यमुना का जलस्तर।  संगम नगरी आस्था का प्रतीक संस्कृति का अलौकिक दृश्य बंधवा पर लेटे हनुमान जी को स्नान कराने मां गंगा का आगमन। बड़े हनुमान जी के मंदिर में हो चुका। किसी भी क्षण गंगा नदी का पानी लेटे हनुमान जी को गंगा के पवित्र जल से स्नान करा सकता है। प्रयागराज वासियों की जुबा पर हमेशा यही चर्चा होती है। कि जब तक गंगा नदी हनुमान जी को स्नान नहीं करा  देती तब तक  गंगा का जलस्तर बढ़ता ही रहता है ।और हनुमान जी के स्नान होने के तत्पश्चात गंगा नदी का पानी अपने आप घटने लगता है। या कहावत और यह चर्चा का विषय हर वर्ष प्रयागराज वासियों की जुबां पर होता है। वहीं जिला प्रशासन  गंगा यमुना बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बाढ़ क्षेत्र इलाकों में हाई एलर्ट लागू कर दिया है। गंगा यमुना  की बाढ़ से कछार क्षेत्र में किसानों को बहुत नुकसान होने का डर लगा हुआ है। किसानों की फसलें बाजरा दलहनी परवल जैसे कई फसलों को नुकसान हो सकता है। लगातार बढ़ते जलस्तर का ग्रामीण क्षेत्रों में असर दिखने लगा है। कारण हजारों एकड़ फसलें जलमग्न हो गई हैं। गंगा यमुना इन नदियों की बाढ़ के पानी ने सबसे ज्यादा कछारी इलाकों को प्रभावित किया है। यमुनापार और गंगा और यमुना नदियों के किनारे के करीब 40 गांव में फसलें नष्ट होने की कगार पर पहुंच चुकी है। यह देख किसान बहुत परेशान है। क्योंकि उनकी गाढ़ी मेहनत बाढ़ के पानी में बर्बाद हो रही है। गंगा और यमुना नदियों के तेजी से बढ़ रहे जलस्तर को लेकर निचले इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने नदियों के किनारे बसे गांवों व शहरों के मोहल्लों में मुनादी भी करा दिया है। इसके अलावा शहर में बनाई गई 29 बाढ़ चौकियों में बिजली पानी समेत विभिन्न सुविधाएं भी दे दी गई है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए एडीएम वित्त एमपी सिंह एसडीएम सदर गौरव रंजन श्रीवास्तव प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं।{ ब्यूरो रिपोर्ट प्रयागराज}