संसद में आज पेश होगा ऐतिहासिक बजट

वित्त मंत्री अरुण जेटली आज वर्ष 2017-18 का आम बजट संसद में पेश करेंगे। इस बार के बजट में कई अहम बातें हैं जो इसे खास बना रही हैं। वित्त मंत्री पर आम जनमानस की अपेक्षाओं का बोझ होगा और देखना होगा कि किस हद तक वो देश की जनता, उद्योग, व्यापारी वर्ग और बाजार की आशाओं को पूरा कर पाते हैं।
1 फरवरी यानी बुधवार को वित्तमंत्री अरुण जेटली संसद में बजट प्रस्तुत करेगें और इसके लिए सारी तैयारियां पूरी हो गयी हैं । हर किसी को इंतजार है वित्त मंत्री के पिटारे का।

इस बार का बज़ट कई मायनो में ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। ये पहली बार है कि बजट 1 फरवरी को पेश किया जायेगा इससे पहले बजट फरवरी महीने के अंतिम दिनो में पेश किया जाता था। मोदी सरकार की इस पहल के पीछे मंशा है कि जिन भी घोषणाओं को बजट में शामिल किया गया है उन्हे वित्तिय वर्ष के पहले दिन यानी 1 अप्रैल से लागू किया जा सके।

पहले बजट घोषणाओं को लागू करने में मई महीना भी खत्म हो जाता था। और इस लेट लतीफी के चलते अप्रैल और मई 2 महीने के लिये अलग से बजट की व्यवस्था करनी पड़ती थी। इस पूरी पहल से वित्तीय अनुशासन को और बेहतर तरीके से लागू करने में और ज्यादा मदद मिलेगी।

इस बार का बजट इस मायने में भी ऐतिहासिक है क्यों कि रेल बजट इस बार आम बजट का हिस्सा होगा। इस बार रेलमंत्री अलग से रेलबजट प्रस्तुत नही करेगें बल्कि वित्तमंत्री के आम बजट में ही रेलवे से संबंधित घोषणाए शामिल होगी। बजट ऐतिहासिक है तो लोगों को उम्मीदें भी काफी ज्यादा है। आम लोगों से लेकर कारपोरेट सैक्टर तक सब वित्त मंत्री के बजट भाषण का बेसब्री से इंताजर कर रहे हैं ।

इस बार बजट में इनकम टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स में राहत की उम्मीद की जा रही है। बजट को लेकर लोगों की भी उम्मीद है कि सरकार इनकम टैक्स की छूट जो कि अभी 2.5 लाख रुपए है उसे बढ़ाकर 3 लाख से 3.5 लाख रुपए के बीच कर सकती है। साथ ही होम लोन के ब्याज पर टैक्स छूट को लेकर भी लोगों को खासी उम्मीद है कि सरकार उसमें भी रियायत दे सकती है।

छोटे कारोबारियों खासकर MSME सेक्‍टर को इस बजट से खासी उम्मीदें है। MSME सेक्टर की उम्मीद है कि 5 करोड़ रुपए के टर्नओवर वाले कारोबारियों को सेंट्रल जीएसटी से छूट दे दी जाएगी, साथ ही मंथली रिटर्न की बजाय साल की एक रिटर्न भरने की व्‍यवस्‍था की कर दी जायेगी।

सरकार को अगर मेक इन इंडिया बढावा देना है तो उसे तय करना होगा कि छोटे कारोबारियों को आसानी से कर्ज मिले और और वे अपनी मैन्‍युफैक्‍चरिंग एक्टिविटी को बढ़ा सकें। वही सरकार का फोकस लेसकैश लेन देन को बढावा देने पर भी रह सकता है। डिजिटल ट्रांसेक्शन करने पर हो सकता है कि इस बजट में रियायतों को और भी बढावा दिया जाये ।

इस बजट से कृषी क्षेत्र को बजट से खासी उम्मीदें है। पिछली बार का बजट भी काफी हद तक कृषि आधारित बजट रहा था।

आम बजट से युवाओं को भी बहुत उम्मीदें हैं। युवाओं को इस साल के आम बजट से किफायती फीस और रोजगारों की आस है। सरकार का फोकस मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया जैसे कार्यक्रम पर रहेगा। उम्मीदों की फेहरिस्त काफी लंबी है लेकिन वित्त मंत्री के पिटारे से क्या निकलता है इसके लिए बजट का इंतजार करना होगा।