गृहमंत्री नरोत्‍तम मिश्रा बोले, ”हम उस घर में घुस कर मारेंगे, जिस घर से अफजल निकलेगा ”

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मध्‍य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्‍त्‍म मिश्रा ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जिस तरह से सीएए और एनआरसी को लेकर देश में आंदोलन किया जा रहा था, वैसा ही किसान आंदोलन में भी किया जा रहा है. उन्‍होंने कहा, जो लोग यह नारा लगा रहे थे कि ‘तुम कितने अफजल मारोगे हर घर से अफजल निकलेगा’, उन्हें हमारा जवाब है-‘हम उस घर में घुस कर मारेंगे, जिस घर से अफजल निकलेगा.’

एमपी के गृह मंत्री मिश्रा ने कहा टुकड़े-टुकड़े गैंग ने माहौल बनाया और देश में सीएए के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया. ऐसा ही भ्रम कृषि कानूनों को लेकर बनाया जा रहा है. MP के Home Minister ने कहा, सरकार कह चुकी है कि न तो मंडियां और न ही न्यूनतम समर्थन मूल्य बंद किया जाएगा. बावजूद इसके कुछ लोग आंदोलन को हवा दे रहे हैं. देश का यह दुर्भाग्य है. टुकड़े-टुकड़े गैंग आशंका पर आंदोलन कर देती है. ऐसी ही गैंग किसान आंदोलन करवा रही है.

वहीं, एक गृह मंत्री मिश्रा ने कहा, हमें नक्सल गतिविधियों में बड़ी सफलता मिली है, नक्सल गतिविधियों पर विराम और हमारा अभियान समानांतर चल रहे हैं. एक दौर था, वो शायद दिग्विजय सिंह का था, जब पूरे प्रदेश में अशांति थी. कोई भी अपराधी अब मध्य प्रदेश में शरण नहीं ले पाएगा, हम भून देंगे.

उन्‍होंने कहा मध्‍य प्रदेश में नक्सली आंदोलन या सिमी का नेटवर्क किसी भी सूरत में पनपने नहीं दिया जाएगा. नक्सलियों के खिलाफ अभियान में जुटे हमारे पुलिस जवानों के उत्साहवर्धन के लिए आज बालाघाट जा रहा हूं. वहां कानून-व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा करूंगा.

वहीं, उन्‍होंने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार को लेकर कहा कि ममता बनर्जी की निर्मम, भ्रष्ट और अराजक सरकार का जहाज डूबना शुरू हो गया है. कोई भी डूबते जहाज की सवारी नहीं करना चाहता. अब तृणमूल कांग्रेस में इस्तीफों की झड़ी लगने वाली है.

बता दें कि बीते 16 दिसंबर को भी एमपी के गृह मंत्री नरोत्‍तम मिश्रा ने ट्वीट करते हुए कहा था, कांग्रेस देश में भ्रम फैला रही है कि कृषि सुधार के नए कानून किसान विरोधी हैं. वो स्पष्ट करे कि यदि उसकी सरकार के समय बने कानून किसान हितैषी थे, तो फिर हमारे देश के अधिकांश किसान आज तक कर्ज में क्यों डूबे हैं?