श्योपुर में किया गया 19 पत्रकारों को होम क्वॉरेंटाइन

श्योपुर। प्रदेश में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के बीच स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा बार-बार समझाए जाने पर भी लापरवाही का एक नया मामला सामने आया है। जिसके साथ ही श्योपुर के आधा दर्जन पत्रकार कोविड19 संदिग्ध बन गए हैं। जिसके बाद उन्हें 14 दिन के होम क्वॉरेंटाइन पर भेज दिया गया है। ये सभी एक ऐसे व्यक्ति के परिवार के निरंतर संपर्क में थे जो जिले में पहला कोरोना पॉजिटिव मरीज है।

दरअसल श्योपुर के दो पत्रकार लगातार एक संक्रमित मरीज के परिवार के साथ बातचीत कर रहे थे। सोशल डिस्टेंस की अवधारणा को नजरअंदाज करते हुए वे उसके घर भी गए थे। जिला प्रशासन के एक प्रवक्ता ने कहा कि संक्रमित मरीज कि रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद प्रशासन ने ऐसे लोगों की तलाश शुरू कर दी जिन्होंने परिवार से संपर्क किया था। अब इन दोनों संदिग्ध पत्रकार एवं उनके संपर्क में आने वाले कुल 17 पत्रकारों को 14 दिन के लिए क्वॉरेंटाइन किया गया है। जिसके लिए श्योपुर के एक हॉस्टल को क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाया गया है।

बता दें कि इससे पहले श्योपुर में एक शव परीक्षण के बाद कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। जहां 56 वर्षीय संक्रमित व्यक्ति पहले से ही टीबी से पीड़ित था। उनका बेटा इंदौर से लौटा था। हालांकि वह 27 मार्च को इंदौर से लौटा था लेकिन उसने कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण दिखाई नहीं दिए किंतु उस संदिग्ध के पिता को खांसी और छींक आने लगी थी। मरने के बाद उस व्यक्ति के जांच सैंपल लिए गए। जांच के बाद उस व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

जिसके बाद बेटे की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे ग्वालियर रेफर कर दिया गया था। जहां संदिग्ध मानकर उसे जेएएच में भर्ती किया गया था। जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उस सुपर स्पेशलिटी में शिफ्ट किया गया। जिसके बाद श्योपुर में मरीज के घर के आसपास के इलाकों को सील कर देने के साथ ही प्रशासन ने संक्रमित मरीज के परिजनों को कवारांटाइन कर दिया गया था।