देसी कंपनी पीएनबी वेस्पर को कोरोना की दूसरे चरण के परीक्षण की मिली अनुमति
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नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। इस जानलेवा वायरस की रोकथाम के लिए वैक्सीन बनाने का काम तो तेजी से और लगातार चल रहा है, लेकिन अब तक इसमें पूरी तरह से सफलता नहीं मिल पाई है। हालांकि अलग-अलग कंपनियां तरह-तरह की दवाइयां जरूर बाजार में उतार रही हैं, जो कोरोना से लड़ने में और संक्रमित मरीजों की जान बचाने में कारगर साबित हो रही हैं।

इसी बीच अच्छी खबर है कि देसी कंपनी पीएनबी वेस्पर की विकसित कोरोना की दवा के ट्रायल के दूसरे चरण की मंजूरी मिल गई है। कोच्चि शहर की दवा और अनुसंधान कंपनी पीएनबी वेस्पर द्वारा विकसित कोरोना की दवा को दूसरे चरण के परीक्षण की अनुमति दवा नियंत्रक से मिल गई है।

इसके साथ ही यह दुनिया में पहली ऐसी कंपनी बन गई है जो इस तरह का परीक्षण एक नये रासायनिक तत्व के साथ कर रही है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। 15 साल पुरानी इस कंपनी ने छह नए तरह के केमिकल तैयार किए जिसमें से सबसे अंतिम केमिकल का नाम है- पीएनबी001 है। शोध से पता चला कि पीएनबी 001 एस्प्रिन से 20 गुना अधिक प्रभावी है और इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं है।

कंपनी के प्रवर्तक और मुख्य कार्यकारी पी एन बालाराम के मुताबिक इस नए केमिकल को शुरू में फेफड़े के कैंसर के लिए विकसित किया गया था। कंपनी की प्रयोगशालाएं ब्रिटेन में हैं। कंपनी ने बृहस्पतिवार को दूसरे चरण के चिकित्सिय परीक्षण के लिए केंद्रीय औषधि मानक संगठन के तहत आने वाली केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण से अनुमति प्राप्त की है।

पी एन बालाराम ने बताया कि पीएनबी वेस्पर को कोविड-19 उपचार के लिए नए अणु (मॉलेक्यूल) के संदर्भ में नैदानिक परीक्षण शुरू करने वाली दुनिया की एकमात्र कंपनी बन गई है। बालाराम के पास कंपनी का शत प्रतिशत मालिकाना हक है। उनके पास छह अमेरिकी, ब्रिटिश और जर्मन वैज्ञानिक अनुसंधान भागीदार हैं, जो अगले महीने से अपने कोच्चि कार्यालय में काम शुरू कर देंगे।

पीएनबी001 (जीपीपी-बालाडोल) का अमेरिका, यूरोप और भारत सहित कई एशियाई देशों में वर्ष 2036 तक पेटेंट है। यह परीक्षण, बीएमजे मेडिकल कॉलेज, पुणे में 40 कोविड -19 पॉजिटिव रोगियों पर किया जाएगा। बालाराम ने कहा कि पहले चरण का नैदानिक परीक्षण फरवरी में लम्बादा चिकित्सीय अनुसंधान द्वारा अहमदाबाद में 78 रोगियों पर किया गया था।

 

पहले चरण के परीक्षणों के परिणाम के आधार पर, उन्होंने कहा कि पीएनबी-001 एस्पिरिन की तुलना में 20 गुना अधिक प्रभावी है और रोगियों पर कोई टॉक्सिक प्रतिक्रिया नहीं दिखाई दी है। यदि दूसरा चरण सफल रहा, तो कंपनी एम्स नई दिल्ली, एम्स लखनऊ और मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और पुणे के अन्य प्रमुख अस्पतालों में 378 रोगियों पर तीसरे चरण के परीक्षण के लिए जाएगी।

बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 97,570 नए केस सामने आए हैं और कोविड-19 से 1201 लोगों की मौतें हुई हैं। फिलहाल भारत में कोरोना वारयरस के मामलों की कुल संख्या 46,59,985 है, जिनमें 9,58,316 एक्टिव केस हैं और 36,24,197 लोग डिस्चार्ज हो चुके हैं।