होशंगाबाद नोट पेपर यूनिट बंद, स्टॉक सील
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ की पहल पर होशंगाबाद में शुुरु किए गए नए बैंक नोट पेपर लाइन (NBNPL) को प्रिंटिंग गड़बड़ी के चलते बंद कर दिया गया है। यह यूनिट भारत प्रतिभूति मुद्रण एवं मुद्रा निर्माण निगम लिमिटेड (SPMCI) के तहत शुरु की गई थी। यहां आरबीआई के अधिकारियों ने स्टॉक को भी सील कर दिया गया है, साथ ही मार्केट में जा चुके नोटों को वापस करने के आदेश भी बैंकों को दिए हैं।
आरबीआई अधिकारियों का मानना है कि बाजार में फैल चुके ये नोट जाली नहीं हैं लेकिन त्रुटि होने के कारण ग्राहकों से उन्हें वापस लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि होशंगाबाद प्रतिभूति कागज कारखाने से खराब कागज निर्मित होने के बाद से लगभग 30 करोड़ नोट प्रिंट किए जा चुके हैं इनमें से लगभग 10 करोड़ नोट (10 हजार करोड़ रुपए) बाजार में पहुंच चुके हैं। इन नोटों में सुरक्षा धागा टूटा हुआ है। यह चुंबकीय धागा जाली नोटों से बचाता है।
 दो प्रबंधक हो चुके हैं सस्पेंड
इस मामले में NBNPL के दो प्रबंधकों को गुरुवार को सस्पेंड किया जा चुका है। SPMCI के एमडी और चेयरमैन एम एस राणा का कहना है कि जांच पूरी होने तक उत्पादन जारी रहेगा। होशंगाबाद और नासिक में नोटों और कागज के स्टाॅक को सील कर दिया गया है। एक उच्च स्तरीय समिति इस पूरे मामले की जांच कर रही है, जल्द ही हम अपनी जांच रिपोर्ट देंगे। राणा के अनुसार यूनिट में मैनुअल या सॉफ्टवेयर से संबंधित त्रुटि हो सकती है।
 जून में हुआ था उद्घाटन
प्रधानमंत्री की ‘मेक इन इंडिया’ के तहत इस यूनिट का जून 2015 में उद्घाटन किया गया था। लगभग एक हजार करोड़ की लागत से शुरु की गई इस यूनिट का लक्ष्य स्वदेश में ही मुद्रा का कागज तैयार करने के लिए था।