शराब दुकान रविवार (लॉकडाउन) के दिन खुलना कहां तक सही है ?

जबलपुर। रविवार को पूर्णता लॉकडाउन घोषित किया गया तो फिर शराब की दुकान खोल कर क्या दिखाना चाहती प्रदेश सरकार ? उसे जनता के स्वास्थ्य की चिंता है या राजस्व एवं शराब ठेकेदारों की ! ये कहना है शिवसेना प्रदेश प्रवक्ता शिवसेना कन्हैया तिवारी का, जब आपने जनता से जुड़ी किराना, सब्जी भाजी एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की दुकानें बंद रखी तो शराब दुकानों को भी रविवार (लॉकडाउन) के दिन बंद रखा जाए। सरकार से इन दुकानों को बंद करने की मांग करते हुए कन्हैया जी आज निकल पड़े शहर की सड़कों पर. शराब की बिक्री तो शुरू कर दी गई है लेकिन बाक़ी कारोबार बंद हैं।

ऐसे में सवाल उठाता है कि शराब की बिक्री सरकारों के लिए इतनी ज़रूरी क्यों हैं. दरअसल, शराब और पेट्रोल ये दो ऐसे उत्पाद हैं जिन पर राज्य सरकारें अपनी ज़रूरत के हिसाब से टैक्स लगाकर सबसे ज़्यादा राजस्व वसूलती हैं. माना जा रहा है कि राज्य सरकारों को हो रहे राजकोषीय घाटे को कम करने के लिए ही लॉकडाउन के बावजूद शराब की दुकानें खोली गई हैं।

 

 

अब कारोबारी के सामने मामला फीस वसूली का है. इसलिए उनका कहना है जब दुकानें बंद हैं और बिक्री हुई नहीं तो इतनी मोटी रकम वो कैसे दें. राज्यों में शराब की बिक्री से सरकार के पास कुल राजस्व का पंद्रह से पच्चीस फ़ीसदी हिस्सा शराब से ही आता है. यही वजह है कि लॉकडाउन के बावजूद राज्य सरकारों ने शराब बेचने की छूट दे रखी है वहीं दूसरी और शराब को जीएसटी से बाहर रखा गया है. यानी राज्य अपने हिसाब से टैक्स निर्धारित करते हैं.

रविवार (लॉकडाउन) में शराब की दुकानें खुलने से जहां पीने वालों ने राहत महसूस कर रहे हैं वहीं दूसरे कारोबार करने वाले लोगों का कहना है कि जब शराब की दुकानें खुल सकती हैं तो उनके कारोबार क्यों नहीं खुल सकते.

स्वास्थय के नजरिये से देखा जाये तो सरकार के इस निर्णय से नागरिकों के स्वास्थय के साथ खिलवाड़ हो रहा है और जिससे लॉकडाउन का मूल उद्देश्य ही गायब हो गया है. क्या देश में कोरोना का ख़तरा कम हो गया है जो शराब की दुकानों को खोला जा रहा है. यदि शराब की दुकानें खोली जा सकती हैं तो आम कारोबारियों की दुकानें क्यों नहीं खोली जा सकती हैं. आर्थिक मजबूरियों के चलते सरकार हफ्ते में सिर्फ 1 दिन का संपूर्ण लॉकडाउन रख रही है। तो इस दौरान शराब की दुकानें को भी बंद रखा जाय। इस इस मुद्दे को उठाते हुए शिवसेना के प्रदेश प्रवक्तता कन्हैया तिवारी ने मांग की है सरकार लॉकडाउन केेे दौरान शराब की दुकानें बंद कराए।