एक टूरिस्ट गाइड कैसे बना एशिया का सबसे अमीर आदमी : जैक मा ( jack ma )

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चीन का वो इन्सान जिसकी तस्वीर चीन के नाम के साथ हमारे मन में उभर आती है वो है और वो है जैक मा/jack ma. जैक मा चीन ही नही बल्कि एशिया के सबसे अमीर आदमी है और दुनिया के अमीरों में उनकी गिनती होती है. तो आइये जानते है कि एक टूरिस्ट गाइड कैसे बना एशिया का सबसे अमीर आदमी..

जैक मा का शुरुआती सफ़र

चीन के ज़ेजिआंग प्रान्त के हन्हाजु गाँव में जन्मे जैक मा को बचपन से ही इंग्लिश सीखने का शौक रहा था. उनके माता-पिता कहानियाँ सुनाकर या गाना गाने का काम किया करते थे. जैक मा में इंग्लिश सीखने का इतना जोश था कि वह रोज साईकिल पर पास के होटल में जाते और विदेशियों को जिनहे इंग्लिश आती थी, अपना शहर घुमाते जिसके लिए वह कोई पैसा नही लेते थे।

शुरुआत में वह आधी अधूरी इंग्लिश बोला करते थे क्योंकि चीन में इंग्लिश सीखना सही नही माना जाता था लेकिन वह विदेशी नागरिको को घुमाते थे और उनसे अपनी अधूरी इंग्लिश में बात किया करते थे जिससे उनकी प्रैक्टिस भी हो जाया करती थी। यह काम उन्होंने लगभग 9 साल तक किया. और इसी बीच उनके कुछ विदेशी मित्र बन गए. उन्ही विदेशी मित्रो ने उन्हें jack ma का नाम दिया क्योकि उनके नाम का उच्चारण काफी कठिन था.

जैक मा ने विश्विद्यालय में दाखिला लेने के लिए तीन बार परीक्षा दी लेकिन वह सफल नही हो सके। बाद में उन्होंने हंजाऊ टीचर्स इंस्टिट्यूट में दाखिला लिया जहां से उन्होंने इंग्लिश में ग्रेजुएशन किया। उसके बाद उन्हें वही पर इंग्लिश और अन्तराष्ट्रीय व्यापार पढ़ाने की नौकरी मिल गई.

करियर में संघर्ष
जैक मा का शुरूआती सफ़र बिलकुल भी आसान नही रहा लेकिन बात की जाए उनके कैरियर की तो कई बार नौकरी के लिए आवेदन करने के बाद उन्हें निराशा ही हाथ लगी. एक वेबसाइट में प्रकाशित लेख के अनुसार उन्होंने 30 अलग अलग जगह पर आवेदन किए पर कही पर भी नौकरी नही मिली। यहाँ तक की उन्होंने KFC में आवेदन किया तब KFC चाइना में नया नया आया था। KFC में उनके साथ 24 लोगो ने आवेदन किया और 23 को नौकरी मिल गई सिर्फ उन्हें ही वो नौकरी नही मिली.

1994 में jack ma पहली बार इंटरनेट से रु-ब-रु हुए और 1995 में वह कुछ दोस्तों की मदद से अमेरिका चले गए और वहाँ पर उन्होंने इन्टरनेट चलाया और सबसे पहले उन्होंने “BEER” शब्द टाइप किया तो दुनिया भर के भालू की फोटो और जानकारी उनके सामने आ गई लेकिन बस एक चीनी भालू की कमी उन्हें दिखाई दी. उन्होंने चीन के बारे में और जानकारी खोजने की कोशिश की तब उन्हें महसूस हुआ की इन्टरनेट पर चीन का कही नाम नही था

इस बात से वह काफी निराश थे और अपने देश वापिस जा कर काफी सोचने के बाद एक वेबसाइट “UGLY” बनाई. इस वेबसाइट पर कुछ ही देर में 5 इ-मेल आ गए तब जैक मा को इन्टरनेट की ताकत का अहसास हुआ कि इन्टरनेट की मदद से बहुत कुछ किया जा सकता है.

1995 में जैक मा ने “China Yellow Pages” नाम की कंपनी बनायीं। ये कम्पनी उन्होंने अपने दोस्तों और पत्नी के साथ मिल कर बनाई थी, इस कंपनी का काम चीन के लोगो की वेबसाइट बनाना था। 20,000 डॉलर में शुरू की गई इस कम्पनी ने लगभग 8 लाख डालर कमा लिए थे. ये वेबसाइट बनाने का काम वह अपने विदेशी मित्रो की सहायता से करते थे.

आपको बता दे की jack ma ने अपना पहला कंप्यूटर तब लिया जब वह 33 साल के थे. 1999 में जैक मा एक आईटी कंपनी के अध्यक्ष रहे और बाद में उन्होंने वहाँ से काम छोड़ दिया और अपने दोस्तों और टीम के साथ मिल कर B2B वेबसाइट अलीबाबा डॉट कॉम शुरु की. और इस वेबसाइट से उन्होंने इतिहास रच दिया 5 लाख युवान से शुरू की गई इस कम्पनी में अब 79 मिलियन लोग काम कर रहे है और यह 200 से भी ज्यादा देशो में फैली है.

जैक मा अब अलीबाबा ग्रुप के अध्यक्ष है जिसके अंतर्गत कई बड़ी वेबसाइट काम कर रही है जैसे Alibaba.com, Taobao Marketplace, Tmall, eTao, Alibaba Cloud Computing, Juhuasuan, 1688.com, AliExpress.com and Alipay आदि इसके आलावा भी दुनिया भर में उनकी वेबसाइट चल रही है। एक डाटा के मुताबिक नवम्बर 2018 में अलीबाबा का ऑनलाइन लेनदेन 1 ट्रिलियन युआन से ज्यादा का रहा.

एक ही जीवन में इतना कुछ देखने के बाद उन्होंने हार नही मानी और आगे बढ़ते गए और यह सब संभव हो पाया सीखने और कुछ करने के जज्ज़बे के कारण। लगभग 30 जगहों पर आवेदन किया लेकिन एक भी नौकरी नही मिली। इसका मतलब यह नही कि वह काबिल नही थे बल्कि उनकी मंजिल कुछ और थी जिसकी पहचान उन्हें समय रहते हो गई.