संघ लोक सेवा परीक्षा के लिए हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को समस्याओं से कैसे निपटा जाये ?

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सबसे पहले अपने दिमाग से हिंदी माध्यम की बात भूल जाओ। यूपीएससी किसी भी व्यक्ति को अपने संबंधित माध्यम से भेदभाव नहीं करता है। सभी यूपीएससी से पहले बराबर हैं। तो बस इस बात को भूल जाओ और तैयारी शुरू करें।

अध्ययनरत छात्र कल्कि बताते है की अभी मैं अभी पूर्ण रूप से सफल नहीं हूँ फिर भी मैंने अपने प्रथम प्रयास में ही मुख्य परीक्षा लिखा है इसलिए अब तक के अनुभव से मार्गदर्शन करूँगा।

हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के सम्मुख समस्याएं:

  • परीक्षा के वर्तमान मांग के अनुरूप अध्ययन सामग्री की कमी।
  • अच्छे कोचिंग संस्थाओं की कमी।
  • छात्रों का पूर्ण रूप से कोचिंग पर निर्भरता।
  • जबकि हिंदी माध्यम की कोई भी कोचिंग आज की मांग के अनुसार नहीं पढ़ाती। इसके अतिरिक्त छात्र लंबे समय तक कोचिंग में रहते हैं और 2 साल के बाद समझ आता है कि अभी तो सिलेबस का मात्र 50 प्रतिशत ही हुआ है। वास्तविकता भी यही है कोई भी कोचिंग वर्त्तमान पैटर्न को कभी भी पूर्ण नहीं कर सकती। आपको स्वयं ही करना होगा। इसको जितनी जल्दी आप समझेंगे उतना अच्छा।
  • कोचिंग क्लासेज का बहुत लंबा होना। दिल्ली की कोचिंग 15 महीने से पहले सिलेबस नहीं पूर्ण कर पाती। और इस चक्कर में छात्र फसें रहते हैं। और उसके उपरांत मात्र किताबी ज्ञान पाते हैं।
  • छात्रों में internet के प्रयोग के प्रति अरुचि। या उपयोग में तकनिकी समस्याएं।
  • टेस्ट सीरीज और उत्तर लेखन का आभाव।

अतः कैसे अध्ययन किया जाये

  • सर्वप्रथम सिलेबस को पूर्ण रूप से समझीये। यदि आप कोचिंग के माध्यम से पढ़ते हैं तो पूर्ण समय मत दीजिये आपकी आवश्यकता अनुसार जहाँ आवश्यक वहीँ। जैसे आपने किसी विषय में स्नातक किया है उस विषय के कक्षाओं में 2, 3 महीने नष्ट मत कीजिये। स्वयं पढ़ने की आदत डालिये।
  • केवल कुछ और अतिआवश्यक किताबों पर ही केंद्रित रहिये जो पहले से चयनित छात्र सुझाव देते हैं। किताबों से सम्बंधित सुझाव के लिए internet का प्रयोग कीजिये।कोचिंग पर अधिक निर्भर मत हो जाइये।
  • इतिहास: स्पेक्ट्रम प्रकाशन की किताब, प्राचीन और मध्यकालीन इतिहास हेतु सिर्फ NCERT
  • राज्यव्यस्था: लक्ष्मीकांत
  • अर्थव्यवस्था: लाल व लाल या रमेश सिंह
  • पर्यावरण: दृस्टि प्रकाशन की किताब
  • भूगोल: NCERT, VISION IAS के नोट्स
  • करंट अफेयर्स: vision या दृष्टि की मासिक पत्रिका, योजना और कुरुक्षेत्र, राज्यसभा टीवी, दैनिक जागरण का राष्ट्रीय संस्करण।

प्रमुख वेबसाइट:

उत्तर लेखन का प्रयास प्रारम्भ से ही कीजिये इसके लिए ऑनलाइन श्रोतों का इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे ias baba, insighsonindia etc. एक बार उपरोक्त किताबों को पढ़ने के पश्चात् UPSC द्वारा विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्न को हल कीजिये इसके साथ ही एक अच्छा टेस्ट सीरीज हल कीजिये जिससे आपको अपनी क्षमता की पहचान हो सके।

अपने कमियों को सुधारने के लिए इन्ही सब किताबों को बार बार पढ़िए। साथ में मुख्य परीक्षा की भी तैयारी करते रहिए। इसके लिए उत्तर लेखन का अभ्यास , कोई एक टेस्ट सीरीज कर सकते हैं। अभी के लिए इतना पर्याप्त है। तैयारी में जी जान से जुट जाईये।

सरकारी नीतियों और रिपोर्टों को पढ़ें। यह बहुत महत्वपूर्ण है। प्रासंगिक विषय या विषय में उपलब्ध सर्वोत्तम सामग्री से अध्ययन करें। केवल अधिकतम 2/3 किताबों का अध्ययन करें। पुनरावृत्ति और संशोधन सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं।

हिंदी माध्यम के छात्र के लिए कोचिंग के बिना यूपीएससी को दरकिनार करने का सबसे आसान तरीका है सच्चे लेकिन व्यावहारिक समय सारणी के बाद दैनिक हिंदू समाचार पत्र पढ़ना, एक अच्छी तरह से प्रतिष्ठित आईएएस संस्थान से अध्ययन सामग्री लेना, इंटरनेट से सबकुछ जानना क्या चल रहा है । लेकिन अनैतिक चीजों पर समय बर्बाद न करें ।

परीक्षा के पाठ्यक्रम की आपको सही से जानकारी बहुत आवश्यक है । कई अभ्यर्थी पाठ्यक्रम से अधिक महत्व किताबो को देते है परंतु किताबो से वही पढ़े जो कि पाठ्यक्रम में वर्णित है अपने स्रोत कम से कम रखे । जितने अधिक स्रोत होंगे उतनी ही समय पढ़ने में लगेगा व असमंजस की स्थिति उत्पन्न होगी ।

मुख्य परीक्षा के लिए पुनरावृत्ति बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है । इसलिए समयानुसार पुनरावृत्ति करते रहे। हिंदी माध्यम या किसी अन्य गैर अंग्रेज़ी भाषा में तैयारी करते समय लोगो की नकारात्मक बातों पर ध्यान ना दे क्योंकि परीक्षा में आपका आत्मविश्वास व मेहनत ही उनको जवाब दे सकता है ।

द हिन्दू अखबार को सही से रोजाना पढ़े व सरकारी योजनाओं के बारे में अधिक से अधिक जानकारी जुटाने की कोशिश करे पिछले कुछ वर्षों के प्रारंभिक परीक्षा पत्रो में उनसे काफी प्रश्न पूछे गए है व मुख्य परीक्षा के दृष्टिकोण से भी सरकारी योजनाए महत्वपूर्ण है । नक्शो का अध्ययन भी समय- समय पर करते रहे । दोनों परीक्षाओ में यह उपयोगी है ।

आपको अपना योजना बना कर उस समय का पालन करें जिसे दूसरे शब्दों में अनुशासन कहते है। आपको रोजाना समय देना बहुत ही जरूरी है इस परीक्षा को पास करने के लिए।

आप सबसे पहले भूगोल विषय को पढे क्योंकि इसमें बहुत से विषय समाहित है।और ध्यान रखें एक दिन में आपको कम से कम 3 या 4 विषय एक साथ पढ़ते हुए आगे बढ़ते रहे। रोजाना समाचार के लिए भी समय दे और इस समाचार में भी कुछ विषय समाहित रहता है। जिसको अच्छे से ध्यान दे कर पढ़ ले।

सबसे खास बात ये कि जो भी हम पढ़ते है वो एक घटना है और इससे ज्यादा कुछ भी नहीं । अब घटना मनोगे तो उसमे कोई आदमी यानी लेखक, कोई जगह, कोई वस्तु, कोई भाव लेखक का जरूर समाहित होगा। व्यक्ति वस्तु स्थान और भाव को समझो यानी संज्ञा में ही सार समाहित है।

व्यक्ति को उनके कर्मो से जानो, स्थान को मैप से देखकर जानो या वह जाकर देखो, वस्तु को देख कर जानो चित्र से या साक्षात् और भाव को उसके लेख के शब्दों को महसूस कर के जानो।

अंततः किसी भी प्रकार की असफलता आपको हताश तो कर सकती है लेकिन जितना जल्दी आप उससे उबर जाओगे उतनी ही आपकी व सफलता के मध्य दूरी कम होगी ।