शराब के अवैध निर्माण – परिवहन और विक्रय को सख्ती से रोकें

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भोपाल @ कमिश्नर कवीन्द्र कियावत ने संभाग के सभी जिला कलेक्टर और एसपी को निर्देश दिए हैं कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और विक्रय रोकने के लिए तत्काल मजबूत सूचना तंत्र कायम करें और इस तरह की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाएं। वीडिया कांफ्रेंसिंग में आईजी उपेन्द्र जैन के अलावा होशंगाबाद के डीआईजी भी उपस्थित थे।

कियावत ने कहा कि शराब निर्माता कंपनियों में जिन ट्रकों से ओ पी और स्प्रिट आदि आती है उनकी पहचान के लिए उनका अलग रंग तय कर उन पर लिखा भी जाए कि वे क्या परिवहन कर रहे हैं। इसी तरह फैक्ट्री से शराब परिवहन के ट्रक भी पृथक से पहचाने जाएं। उन्होंने कहा कि ओपी परिवहन करने वाले ट्रकों पर विशेष निगरानी रखें कि वे फिक्स प्वाइंट पर ही रूकें तथा ढाबों आदि पर न रूकें। उन्होंने कहा कि निगरानी रखें कि ओपी के ट्रकों से ढाबों और किन्हीं विशेष स्थलों पर ओपी तो नहीं दी जा रही है।


कमिश्नर ने निर्देश दिए कि गांव और शहरों में सूचना तंत्र की मजबूती आवश्यक है। स्थानीय स्तर पर बनने वाली शराब को रोका जाना होगा। उन्होंने कहा कि कईं ट्रक वाले ओपी के अलावा डिनेचर्ड स्प्रिट और औद्योगिक अल्कोहल भी रास्तों में बेच सकते हैं, इसलिए वरिष्ठ अधिकारी स्वयं निगरानी रखें और ऐसा तंत्र विकसित करें जिससे अवैध शराब का निर्माण, परिहवन और बिक्री पर सख्ती से रोक लगाई जा सके।

बैठक में आई जी उपेंद्र जैन ने पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे फुलप्रूफ व्यवस्था बनाएं, कलेक्टर और एसपी संयुक्त भ्रमण करें तथा आबकारी- पुलिस और राजस्व की टीम संयुक्त रूप से संभावित स्थलों को खत्म कर इन गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के विरूद्ध आपराधिक मामले दर्ज कराएं जिसमें अधिकतम सजा का प्रावधान हो। उन्होंने कहा कि ऐसे हर मामले में रासुका की कार्यवाही भी की जाए। उन्होंने कहा कि ढाबा स्टाइल कार्यवाही नहीं चलेगी,ठोस कार्यवाही करके दिखाएं।

कियावत ने कहा कि शराब फैक्ट्री और डिपो दोनों में 24 घंटे आबकारी अमला रहता है और उसकी जिम्मेदारी है कि वह अवैध ओपी और शराब का परिवहन नहीं होने दें। उन्होंने कहा कि दोनों जगहों पर पदस्थ अमले को और भी सक्रिय किया जाए। फील्ड में भी आबकारी अमले को उतारें और किसी भी जिले में कच्ची शराब, अवैध शराब आदि की हर गतिविधि को तत्काल रोकें। वी.सी. में होशंगाबाद के आई जी जितेंद्र राजे और सभी जिलों के कलेक्टर- एस.पी. ने भी अपने विचार और जिलों में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। आबकारी आयुक्त विनोद रघुवंशी ने इस तरह की गतिविधियों के बारे में जिलों को गंभीर जानकारी दी।