जेईई-मेन्स में 100% अंक लाकर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल हुए कल्पित

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कल्पित वीरवाल जेईई-मेन में 360 में से 360 अंक यानि 100 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले देश के पहले छात्र बन गए हैं। कल्पित की इस उपलब्धि पर उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। वर्ष 2018 संस्करण में “शिक्षा उपलब्धियों’ विषय की श्रेणी के तहत रिकॉर्ड पेश किया जाएगा। कल्पित के पिता पुष्करलाल वीरवाल को सुबह दिल्ली से आए एक फोन पर इसकी सूचना मिली।

इसके बाद उन्होंने यह बात कल्पित को बताई तो बेटे को एकबारगी विश्वास नहीं हुआ। इसके बाद तो कल्पित के एमडीएस स्कूल से लेकर रिश्तेदारों और परिचितों ने बधाइयां देना शुरू कर दिया। कल्पित अभी आईआईटी मुम्बई में कम्प्यूटर साइंस में इंजीनियर कर रहे हैं।

कल्पित वीरवाल ने कक्षा 9 में भारतीय जूनियर साइंस ओलंपियाड में और 10 वीं में राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया था। वीरवाल के पिता पुष्पेंद्र वीरवाल एमबी हॉस्पिटल में नर्स हैं, जबकि मां पुष्पा सरकारी स्कूल में शिक्षक है।

बड़ा भाई हार्दिक वीरवाल एम्स जोधपुर से एमबीबीएस कर रहा है। एमडीएस डायरेक्टर शैलेन्द्र सोमानी ने बताया कि लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र कुछ ही दिन में आएगा। जिसके बाद गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी आवेदन किया जाएगा।