ज्वेलरी इंडस्ट्री में कारोबार बढ़ाने के लिए SBI का सुझाव

देश की सबसे बड़ी उधारकर्ता यानी भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) ने शनिवार को कहा कि जेम्स एंड ज्वेलरी इंडस्ट्री (Gems and Jewellery Industry) के पास इंश्योरेंस कवर (Insurnace Cover) होना चाहिए. ऐसा होने पर इस सेक्टर को कर्ज देने के​ लिए बैंक साहस जुटा सकेंगे. एसबीआई का कहना है कि इंश्योरेंस कवर होने की वजह से ज्वेलरी एक्सपोर्ट करने के लिए इस इंडस्ट्री की पूंजीगत जरूरतें भी कम हो सकेंगी.

एसबीआई के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर पी एन प्रसाद ने शनिवार को कहा, ‘इंश्योरेंस कवर न होने से जेम्स एंड ज्वेलरी इंडस्ट्री को नुकसान हो रहा है. अगर कोई इंश्योरेंस कवर होता है तो बैंकों आसानी से इस सेक्टर को कर्ज दे सकेंगे.’

एक इवेंट में बात करते हुए प्रसाद ने कहा, जेम्स एंड ज्वेलरी इंडस्ट्री में भारतीय स्टेट बैंक का एक्सपोजर करीब 20 हजार करोड़ रुपये का है. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से इस सेक्टर में कर्ज देने के रवैये में कमी आई है. एसबीआई अधिकारियों का कहना है कि जेम्स एंड ज्वेलरी इंडस्ट्री पर बैंकों को अधिक भरोसा नहीं है. दरअसल, बीते समय में कुछ फ्रॉड के मामले आए हैं, जिसके बाद बैंकों कर्ज देने में उतनी तत्परता नहीं दिखाते हैं.

बता दें कि फरवरी 2018 पंजाब नेशनल बैंक में करीब 14,000 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया था. इस स्कैम में मुख्य आरोपी नीरव मोदी को भगौड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया है. प्रसाद ने कहा कि इस इंडस्ट्री में मालिकाना, प्रबंधन और वैल्युएशन के स्तर पर अधिक पारदर्शिता की जरूरत है.

अगर इस सेक्टर कुछ क्रेडिट गारंट मिलने की वजह से MSMEसेग्मेंट के एक्सपोर्टर्स को स्वतंत्रता प्रदान कर सकेगा. उन्होंने यह भी कहा कि गोल्ड को एक ​इन्वेस्टमेंट टूल के तौर पर इस्तेमाल करने का चलन बढ़ना चाहिए. इसके लिए आम लोगों को जगारुकता फैलाने को काम होना चाहिए. आज के समय में गोल्ड में इन्वेस्टमेंट को लेकर कई आम लोगों के पास कई तरह के विकल्प हैं.