फिर बढ़ी महंगाई, पड़ने लगा जनता की जेब पर असर

भोपाल। महंगाई की मार से एक बार फिर जनता की जेब पर असर पड़ने लगा है। दरअसल, राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार के बजट के प्रावधान एक अप्रैल से लागू हो गए हैं, जिसके चलते जमीन-मकान के साथ अन्य दस्तावेजों की रजिस्ट्री कराना तो महंगा हुआ है, अन्य उपभोक्ता सामग्रियां भी महंगी हो गई हैं। वहीं राज्य सरकार ने बिजली की दरों में भी इजाफा कर दिया है। वैसे भी कर्मी में बिजली की खपत ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में बिजली के बिल ज्यादा आने की आशंका में लोग परेशान हो उठे हैं। गर्मी के सीजन में आम लोगों के ऊपर महंगाई की मार भी पड़ रही है।

गौरतलब है कि एक ओर जहां गर्मी की शुरुआत ने अपने तेवरों से सभी को डरा दिया है वहीं खाद्यान्नों पर भी गर्मी का असर दिखाई देने लगा है। दालों के भावों में फिर से तेजी का तडक़ा लगने लगा है। तेल, रिफाइंड और देसी घी के साथ दूसरे भाव भी ऊपर की ओर पहुंए गए हैं। किराना कारोबारियों की मानें तो स्टॉकिस्टों की जमाखोरी के चलते दामों में उछाल आ रहा है, वहीं बहाना गर्मी के मौसम का लिया जाता है। किराना बाजार में धनिया 120 रुपये से बढक़र 140 रुपये, जीरा 180 से 200 रुपये और मिर्ची 160 से 200 रुपये औरी दाना 80 से 90 रुपये प्रति किलो पर जा पहुंचे हैं।

किराना बाजार में फिर से तेजी का माहौल बनने लगा है। स्टॉकिस्टों की जमाखोरी के कारण ये कृत्रिम तेजी बन रही है, जबकि सभी खाद्यान्न भरपूर मात्रा में मौजूद हैं। यही हाल रहे तो आने वाले दिनों में सहालग के सीजन में दामों में और भी उछाल देखने को मिलेगा। दाल-दलहन की बिक्री कम होने के बावजूद दामों में फिर से उछाल दिखने लगा है। दाल कारोबारियों की मानें तो पिछले कुछ समय से दालों की बिक्री पर वैसे ही ब्रेक लगा हुआ है। दालों की बिक्री 60 फीसदी से भी कम रह गई है। देसी घी के ब्रांडेड कंपनियों के 15 किलो टिन के भाव में 10 रुपये किलो तक बढ़ गए हैं।

इसके साथ ही 15 किलो टिन के रिफाइंड के दाम 100 रुपये तक तेज हुए हैं। सरसों का तेल 85 से 90 रुपये हो गया है। देसी घी के थोक कारोबारी ने बताया कि गर्मी के चलतें दूध की कमी के चलते देसी घी बढऩा शुरू हुआ है आगे सहालग की मांग के चलते दामों में और उछाल देखने को मिल सकता है। हालांकि अभी दाम बढऩे की और उम्मीद की जा रही है। क्योंकि अगले सप्ताह से एक बार फिर से लगन का दौर शुरू हो जायेगा तब और भी मंहगाई बढऩे की उम्मीद विशेषज्ञों ने की है।